'वे हमें उलझा रहे थे': अभिजीत दीपके का सरकार पर आरोप, बोले- नड्डा के घर किया गया नजरबंद

HIGHLIGHTS
- सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और प्रतिनिधिमंडल को नजरबंद किया गया।
- दीपके ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और बच्चों के साथ हिंसा करने का आरोप लगाया और कार्रवाई पर सवाल उठाए।
- उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक अपना अनशन जारी रखेंगे और सीजेपी की ओर से विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से हुई मुलाकात को लेकर दावा किया कि सीजेपी के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को नजरबंद किया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। साथ ही दिल्ली पुलिस के पुरुष जवानों पर महिलाओं के साथ हिंसा करने का आरोप भी लगाया गया है।
दीपके ने लगाए ये आरोप
अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जेपी नड्डा ने उनके प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया था। उन्होंने कहा कि समाधान निकालने और चर्चा का भरोसा दिया गया था, लेकिन बातचीत के लिए बुलाने के बाद ही यहां लाठीचार्ज कर दिया गया।
दीपके ने आरोप लगाया कि इस तरह उन्हें फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को जेपी नड्डा के आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया और उनके फोन भी ले लिए गए। उन्होंने कहा कि करीब तीन घंटे तक उनका दोनों से संपर्क नहीं हो पाया।
'बच्चों के सिर फोड़ने की क्या जरूरत थी?'
दीपके ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए मोदी सरकार और अमित शाह ने छात्रों पर कार्रवाई करवाई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मार्च को रोकना था तो पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन इसके बजाय आंसू गैस और लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्र देश का भविष्य हैं और उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।
पुरुष पुलिसकर्मियों पर महिलाओं के साथ हिंसा का आरोप
दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए दीपके ने कहा कि कार्रवाई के दौरान युवा लड़कियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने बच्चियों के साथ मारपीट की और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की, उनमें सभी पुरुष थे और किसी महिला पुलिसकर्मी ने प्रदर्शनकारी लड़कियों को नहीं छुआ।
सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर बयान
अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर कहा कि सोमवार की कार्रवाई के बाद उन्होंने अनशन जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि सोनम वांगचुक छात्रों के साथ हुई कार्रवाई से दुखी हैं और उन्होंने अपनी पत्नी के माध्यम से पत्र भेजकर भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही है।
दीपके ने कहा कि सोमवार की कार्रवाई के बावजूद विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि संगठन अपना आंदोलन जारी रखेगा और जल्द ही अगले बड़े कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
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