रांची IIIT में छात्र की मौत पर बवाल, निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे की मांग

HIGHLIGHTS
- रांची IIIT के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
- छात्रों का दावा, रात करीब 11 बजे कमरे का दरवाजा तोड़कर आदित्य को नीचे लाया गया।
- एंबुलेंस की चाबी मिलने में 15 से 20 मिनट की देरी का आरोप।
राजधानी रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद छात्रों में नाराजगी है। हॉस्टल के कमरे में उसका शव फंदे से लटका मिला। घटना के बाद संस्थान की व्यवस्थाओं और आपातकालीन सेवाओं में कथित लापरवाही को लेकर विद्यार्थियों ने विरोध शुरू कर दिया है। छात्र खेलगांव स्थित हॉस्टल परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। वे संस्थान के निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे के साथ ही कथित लापरवाही के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल, छात्रों ने CPR देने का किया दावा
छात्रों का आरोप है कि घटना के दौरान संस्थान की आपातकालीन व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं। विद्यार्थियों के मुताबिक, रात करीब 11 बजे कमरे का दरवाजा तोड़कर आदित्य को नीचे लाया गया। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। हॉस्टल की लिफ्ट खराब होने के कारण उसे सीढ़ियों के सहारे नीचे लाना पड़ा। छात्रों का दावा है कि इस दौरान उन्होंने खुद कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देकर उसकी जान बचाने की कोशिश की।
एंबुलेंस की चाबी मिलने में देरी, ऑक्सीजन की सुविधा नहीं होने का आरोप
छात्रों और परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस की चाबी तलाशने में करीब 15 से 20 मिनट लग गए। उन्होंने एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी जरूरी जीवन रक्षक सुविधाएं नहीं होने का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा, विद्यार्थियों ने हॉस्टल कर्मियों के व्यवहार और घटना के समय संस्थान के निदेशक के मौजूद नहीं रहने पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र
आदित्य की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने संस्थान के निदेशक और एकेडमिक डीन से इस्तीफा देने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि कथित लापरवाही बरतने वाले हॉस्टल कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही हॉस्टल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन सेवाओं में बताई जा रही खामियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की गई है।
हॉस्टल में पुलिस बल तैनात, जांच से जुड़ी जानकारी का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए हॉस्टल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है। विद्यार्थी अपनी मांगों पर कायम हैं और उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी है। फिलहाल, आदित्य कुमार की मौत के वास्तविक कारणों और संस्थान की व्यवस्थाओं को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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