दिल्ली में 23-24 सितंबर को लगेंगे विशेष शिविर, इन लोगों को मतदाता सूची में जोड़ने की पहल

HIGHLIGHTS
- 23 और 24 सितंबर को शाम 5 से रात 9 बजे तक शिविर।
- दिल्ली के 13 जिलों में होगी विशेष व्यवस्था।
- BLO को निर्धारित स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
दिल्ली में चुनाव अधिकारियों ने बताया है कि बेघर नागरिकों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और देह व्यापार में संलिप्त महिलाओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का मकसद उन लोगों तक पहुंचना है, जिन्हें अपनी पहचान या निवास साबित करने में परेशानी हो सकती है। यह पहल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान की जा रही है।
23 और 24 सितंबर को लगाए जाएंगे शिविर
ये विशेष शिविर 23 और 24 सितंबर को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। शिविर दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के सभी रात्रि आश्रयों के अलावा राजधानी के 13 जिलों में अन्य संबंधित स्थानों पर लगाए जाएंगे।
दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और देह व्यापार में संलिप्त महिलाओं के लिए अलग से संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा। इसके लिए इन समुदायों के साथ काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों के साथ समन्वय किया जाएगा। शिविरों में निर्धारित स्थानों पर बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLO) की तैनाती रहेगी।
थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या में 64.55% की कमी
यह पहल दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या में 64.55 प्रतिशत की कमी के बाद की जा रही है। 2025 के विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल मतदाता सूची में थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 1,261 थी। वहीं, 31 अगस्त को जारी मसौदा सूची में यह संख्या घटकर 447 रह गई।
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और सामुदायिक प्रतिनिधियों ने पहले भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान आने वाली दिक्कतों का मुद्दा उठाया है। इनमें पहचान दस्तावेजों में नाम अलग-अलग होना, स्थायी निवास का प्रमाण देने में परेशानी और परिवार से बिछड़ने के कारण उनके पास मौजूद दस्तावेजों तक पहुंच न होना शामिल है।
बेघर मतदाताओं के सत्यापन में भी दिक्कत
बूथ-स्तरीय अधिकारियों के अनुसार, बेघर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसकी वजह यह है कि प्रक्रिया काफी हद तक पते और दस्तावेजी रिकॉर्ड पर निर्भर रहती है।
कई बेघर लोगों के पास स्थायी पता, पारिवारिक रिकॉर्ड या ऐसे अन्य दस्तावेज नहीं होते, जिनका इस्तेमाल सामान्य तौर पर उनकी पहचान और निवास की पुष्टि के लिए किया जाता है।
योग्य नागरिकों को सूची में शामिल करने का भरोसा
दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति 'सामान्य निवासी' के तौर पर पात्र होगा, उसे अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
आवेदकों से जहां भौतिक रूप से फॉर्म लेने की व्यवस्था होगी, वहीं उन्हें BLO एप के जरिए ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। अधिकारियों को चुनाव आयोग के मतदाता सूची मैनुअल-2023 के तहत इन तीनों समूहों से प्राप्त आवेदनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांचने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
20 और 27 सितंबर को भी होंगे सामान्य विशेष शिविर
यह पहल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दावों और आपत्तियों के चरण में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर 20 और 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सामान्य विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मतदाता मसौदा सूची की जांच कर सकेंगे, फॉर्म जमा कर सकेंगे और चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल या ECINet मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आवेदन दाखिल करने में सहायता ले सकेंगे।
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