बंगाल में ‘बाबरी मॉडल’ नहीं बनने देंगे: अमित शाह का ममता सरकार पर तीखा हमला

पश्चिम बंगाल की राजनीति में धार्मिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। मालदा में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में प्रस्तावित एक विवादित मस्जिद प्रोजेक्ट को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बंगाल में किसी भी स्थिति में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना बनने नहीं दी जाएगी।
इस दौरान अमित शाह ने नवगठित आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी और राजनीतिक रूप से प्रभावित व्यक्ति बताया।
चुनावी मंच से तीखा हमला
गजोले में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह भारत है और यहां बाबरी ढांचे की तर्ज पर किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में राजनीतिक बदलाव तय है और भाजपा ऐसी किसी भी योजना को आगे बढ़ने नहीं देगी।
शाह ने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर और ममता बनर्जी की राजनीतिक सोच एक जैसी है और दोनों मिलकर इस तरह की परियोजनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता चुनावों में इसका जवाब देगी।
सभा में शाह ने कहा, “ममता दीदी और हुमायूं कबीर ध्यान से सुन लें, यह देश भारत है, यहां बाबरी मॉडल जैसा निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
विवादित मस्जिद प्रोजेक्ट पर विवाद
जानकारी के अनुसार, हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा क्षेत्र में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक नई मस्जिद बनाने का प्रस्ताव दिया है। बताया जा रहा है कि यह निर्माण करीब 8 एकड़ निजी जमीन पर लगभग 86 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना की नींव 6 दिसंबर को रखे जाने की बात भी सामने आई है।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस पूरे मामले को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। टीएमसी ने एक वायरल वीडियो के जरिए भाजपा पर हुमायूं कबीर से कथित संबंधों का आरोप लगाया है, हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं अमित शाह ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि भाजपा का हुमायूं कबीर या उनकी किसी भी योजना से कोई संबंध नहीं है और पार्टी अपने राजनीतिक रुख पर कायम रहेगी।
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