मक्का रक्षा समझौते पर पाकिस्तान का बड़ा बयान, कहा- जिम्मेदारी निभाएंगे

HIGHLIGHTS
- समझौते में तीनों देशों में से किसी एक पर हमले को सभी पर हमला माना गया है।
- ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।
- सऊदी अधिकारियों ने मक्का के दक्षिण में हूती ड्रोन नष्ट करने का दावा किया।
इस्लामाबाद। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बयान उस समय आया है जब सऊदी अरब ने मक्का के पास हूती ड्रोन हमले की कोशिश का आरोप लगाया है।
क्या है त्रिपक्षीय मक्का रक्षा समझौता?
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच पिछले महीने हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा समझौते में सामूहिक सुरक्षा का ढांचा निर्धारित किया गया है। समझौते के अनुसार, तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
समझौते के तहत जिम्मेदारी निभाएगा पाकिस्तान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, आसिफ ने कहा, 'मक्का समझौता हम पर लागू होता है और हम अपना कर्तव्य निभाएंगे।'
मक्का के दक्षिण में हूती ड्रोन मार गिराने का दावा
ख्वाजा आसिफ का यह बयान सऊदी अधिकारियों के उस दावे के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि सऊदी वायु रक्षा तंत्र ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया था। हालांकि, हूतियों ने मक्का या किसी भी इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है।
पवित्र स्थलों की सुरक्षा को बताया कर्तव्य
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि मुस्लिमों के पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान को किसी औपचारिक समझौते की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना किसी समझौते के भी पवित्र स्थलों की सुरक्षा करना पाकिस्तान का कर्तव्य है। आसिफ ने कहा, 'अगर हमला मक्का पर होता, तो उसकी सुरक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है।'
समझौते को लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई
गुरुवार को हुई साप्ताहिक ब्रीफिंग में पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने भी समझौते को लागू करने के लिए इस्लामाबाद की प्रतिबद्धता दोहराई। उनसे जब पूछा गया कि क्या सऊदी अरब में हालिया हूती हमलों को रोकने के लिए पाकिस्तान की मदद का कोई तरीका तैयार किया गया है, तो खान ने कहा कि पाकिस्तान समझौते को 'लागू' करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कब, कैसे, कहां और किन लक्ष्यों के खिलाफ किस तरह की ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा, इसकी जानकारी ऑपरेशनल गोपनीयता के कारण इस चरण में साझा नहीं की जा सकती।
आसिफ ने बुधवार को कहा था कि यदि तीनों देशों में से किसी की क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो समझौते को लागू करने को लेकर कोई संदेह नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी रक्षा या सैन्य रणनीति पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करेगा।
सऊदी अरब के लिए हूती ड्रोन और मिसाइल खतरा
सऊदी अरब के इस आरोप के बाद तनाव बढ़ा है कि हूतियों ने ड्रोन के जरिए मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, हूतियों ने इस आरोप से इनकार किया है।
इन घटनाओं के बाद हाल में हुए रक्षा समझौते को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान की सेना ने इस समझौते को रक्षात्मक और सामूहिक रूप से रोकने की क्षमता बढ़ाने वाला बताया है।
समझौते की ऑपरेशनल जानकारी गोपनीय
पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि समझौते की ऑपरेशनल डिटेल्स गोपनीय हैं। उन्होंने कहा कि यदि समझौता लागू होता है तो तीनों देश मिलकर इस पर फैसला करेंगे।
यह फैसला 7 अगस्त को हुआ था और इसमें कहा गया है कि तीनों सदस्यों में से किसी एक पर हथियारबंद हमला होने पर उसे सभी पर हमला माना जाएगा।
रेड सी की स्थिति पर पाकिस्तान की चेतावनी
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने संघर्ष से जुड़े व्यापक सुरक्षा जोखिमों का भी उल्लेख किया। सज्जाद हैदर खान ने बाब अल-मंदेब के आसपास की स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए हूतियों से अपनी गतिविधियां रोकने की अपील की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जैसे समुद्री मार्गों में रुकावट का असर पूरे क्षेत्र के व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति पाकिस्तान के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
पाकिस्तानी पीएम ने हमले की निंदा की
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान के पूर्ण समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद रियाद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
शरीफ ने पवित्र शहर पर हुए कायरतापूर्ण और घिनौने ड्रोन हमले की कोशिश की निंदा की। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की।
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