Asian Games 2026: नौवें दिन भारत की झोली में आए 8 पदक, कुल संख्या 45 पहुंची

HIGHLIGHTS
- ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में जीता रजत
- गुलवीर सिंह ने 1500 मीटर में हासिल की चांदी
- मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में जीता रजत पदक
- पुरुष भाला फेंक में भारत को रजत और कांस्य दोनों मिले
- वित्या रामराज ने 400 मीटर बाधा दौड़ में जीता कांस्य
एशियन गेम्स 2026 के नौवें दिन भारत के खाते में कुल आठ पदक जुड़े। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में ईशा सिंह ने रजत पदक जीता और दिन के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक खेला। गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में दूसरा रजत पदक हासिल किया। मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में रजत पदक अपने नाम किया। पुरुष भाला फेंक में भारत को रजत और कांस्य दोनों पदक मिले। वित्या रामराज, पारुल चौधरी और पिंकी बलहारा ने कांस्य पदक जीते। बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन, प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया ने सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के तीन और पदक सुनिश्चित कर दिए।
पांच शूट-ऑफ के बाद ईशा सिंह ने जीता रजत
शूटिंग रेंज में ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में बेहद रोमांचक मुकाबला किया। पदक जीतने के लिए उन्हें पांच शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा। मुकाबले के दौरान वह एक समय तीसरे स्थान पर पहुंच गई थीं, लेकिन दबाव के बीच उन्होंने शानदार वापसी की।
40 शॉट के बाद ईशा और उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक का स्कोर 34-34 था। रजत और कांस्य पदक के लिए शूट-ऑफ कराया गया। शुरुआती दो शूट-ऑफ में दोनों निशानेबाजों ने तीन-तीन सटीक निशाने लगाए। तीसरे शूट-ऑफ में ईशा ने तीन सटीक निशाने लगाए, जबकि किम दो निशाने ही साध सकीं। इसके साथ ईशा ने कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया।
स्वर्ण पदक के लिए उनका सामना चीन की जियारुइक्सुआन जियाओ से हुआ। दोनों का स्कोर 38-38 रहने के बाद एक बार फिर शूट-ऑफ की नौबत आई। पहले शूट-ऑफ में दोनों ने चार-चार सटीक निशाने लगाए। निर्णायक शूट-ऑफ में जियाओ ने 3-2 से जीत दर्ज की और ईशा को रजत पदक मिला।
ईशा का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि इससे पहले टीम स्पर्धा में एक शॉट के शून्य दर्ज होने की वजह से भारतीय महिला टीम पदक की दौड़ से बाहर हो गई थी। व्यक्तिगत फाइनल में ईशा ने उस निराशा को पीछे छोड़ते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
1500 मीटर में गुलवीर ने हासिल की चांदी
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में 3:36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता। अंतिम लैप तक वह स्वर्ण पदक की दौड़ में बने हुए थे, लेकिन आखिरी पलों में जापान के काजुतो इजावा उनसे आगे निकल गए।
इजावा ने 3:36.35 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। गुलवीर 0.37 सेकेंड के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे। एशियन गेम्स में यह गुलवीर का दूसरा रजत पदक है। इससे पहले उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में भी रजत पदक जीता था।
चोट के बाद भी श्रीशंकर ने जीता रजत
मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद में 8.07 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया। चौथे प्रयास के दौरान चोटिल होने के बाद उन्होंने अपने अंतिम दो प्रयास नहीं किए। हालांकि, उनका दूसरा प्रयास ही उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त रहा।
चीन के युहाओ शी ने 8.17 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत के डेविड सोलोमन पातुराज 7.70 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ सातवें स्थान पर रहे।
भाला फेंक में भारत के खाते में दो पदक
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारत ने एक साथ रजत और कांस्य पदक जीते। यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया। वहीं रोहित यादव ने 84.35 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 88.55 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए।
वित्या रामराज ने 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में वित्या रामराज ने 54.75 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इसके साथ उन्होंने पीटी उषा का चार दशक से भी ज्यादा पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया।
पीटी उषा ने 1984 लॉस एंजिलस ओलंपिक में 55.42 सेकेंड का समय दर्ज किया था। वित्या ने अपने नए व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मौजूदा एशियन गेम्स में यह वित्या का दूसरा पदक है। इससे पहले वह चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं।
5000 मीटर में पारुल चौधरी को कांस्य
महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में पारुल चौधरी ने 15:14.61 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने स्वर्ण, जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने रजत पदक हासिल किया।
एशियन गेम्स में पारुल का यह दूसरा पदक है। इससे पहले वह मिश्रित रिले टीम का हिस्सा रहते हुए भी पदक जीत चुकी हैं।
कुराश में पिंकी बलहारा ने जीता कांस्य
कुराश की महिलाओं की 78 किग्रा से कम भारवर्ग में पिंकी बलहारा ने कांस्य पदक अपने नाम किया। सेमीफाइनल में उन्हें दक्षिण कोरिया की सुमिन मो के खिलाफ 0-5 से हार मिली।
कुराश में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। इसी वजह से पिंकी का पदक पहले ही सुनिश्चित हो गया था। एशियन गेम्स में यह पिंकी का दूसरा पदक है। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था।
बॉक्सिंग में तीन और पदक हुए पक्के
भारतीय बॉक्सिंग के लिए भी नौवां दिन अच्छा रहा। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में दक्षिण कोरिया की सियोंग सुयोन को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
प्रिया घंघास ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में ताजिकिस्तान की मिजगोना समादोवा को 5-0 से मात दी। पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में कपिल पोखरिया ने दक्षिण कोरिया के किम गिचाए को 5-0 से हराया।
इन तीनों खिलाड़ियों के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ भारत के कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गए हैं। इससे पहले परवीन हुड्डा, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बरवाल भी पदक दौर में पहुंच चुके हैं।
बिना मैच खेले सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम बिना मैच खेले सेमीफाइनल में पहुंच गई। भारत और अफगानिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश के कारण बिना टॉस के ही रद्द हो गया।
नॉकआउट मुकाबलों के लिए रिजर्व डे नहीं होने की वजह से बेहतर आईसीसी टी20 रैंकिंग वाली टीम को विजेता माना गया। भारत विश्व रैंकिंग में नंबर एक और अफगानिस्तान 10वें स्थान पर है। इसी आधार पर भारत को सेमीफाइनल में जगह मिली।
भारत अब सेमीफाइनल में श्रीलंका और नेपाल के बीच 29 सितंबर को खेले जाने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से भिड़ेगा। सेमीफाइनल मुकाबले एक अक्तूबर को खेले जाएंगे।
स्क्वाश में पुरुष और महिला टीम क्वार्टर फाइनल में
स्क्वाश में भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। महिला टीम ने जापान को 2-1 से हराया। हालांकि, अनाहत सिंह को दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वतनाबे के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया। वेलावन सेंथिलकुमार, अभय सिंह और वीर चोटरानी ने अपने-अपने मुकाबले जीते।
वॉलीबॉल में भारत की लगातार दूसरी जीत
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने हांगकांग, चीन को 3-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। भारत ने यह मुकाबला 25-22, 25-19, 25-21 से अपने नाम किया।
इससे पहले भारतीय टीम ने वियतनाम को भी 3-0 से हराया था। भारत का अगला मुकाबला मंगलवार को कतर से होगा।
ज्योति सुरेखा वेंहम और अविनाश साबले पदक से चूके
भारत के लिए दिन में कुछ निराशाजनक नतीजे भी रहे। मौजूदा चैंपियन ज्योति सुरेखा वेंहम महिला व्यक्तिगत कंपाउंड तीरंदाजी के प्री-क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं।
पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में मौजूदा चैंपियन अविनाश साबले भी पदक हासिल नहीं कर सके। उन्होंने 8:21.67 सेकेंड का सीजन बेस्ट प्रदर्शन किया, लेकिन पोडियम से बाहर रहे।
पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष कुमार तमिलसरन आठवें स्थान पर रहे। शूटिंग में मनु भाकर भी व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में पदक नहीं जीत सकीं।
भारत के पदकों की संख्या 45 पहुंची
एशियन गेम्स 2026 में भारत अब तक कुल 45 पदक जीत चुका है। भारतीय दल के खाते में 4 स्वर्ण, 20 रजत और 21 कांस्य पदक हैं।
इस तरह भारत कुल पदक तालिका में 45 पदकों के साथ मजबूत स्थिति में बना हुआ है। शूटिंग, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुराश और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के चलते पदकों की संख्या लगातार बढ़ी है।
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