बागपत: गोवंश से बाइक टकराने पर गुड़ व्यापारी की मौत, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी के थे भाई

HIGHLIGHTS
- बड़ौत में प्राथमिक उपचार के बाद गौरव को मेरठ रेफर किया गया।
- मेरठ ले जाते समय रास्ते में गौरव की मौत हो गई।
- परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया।
रमाला। किरठल गांव के पास गोवंश से बाइक टकराने के बाद सड़क पर गिरने से मौजिजाबाद नांगल निवासी राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन पंवार के बड़े भाई और गुड़ व्यापारी गौरव पंवार (27) की मौत हो गई। हादसे में उनका चचेरा भाई रजत मामूली रूप से घायल हो गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना गौरव का अंतिम संस्कार कर दिया। लोगों ने सड़कों और खेतों में घूम रहे गोवंशों को पकड़वाकर गोशाला भेजने की मांग की है।
मौजिजाबाद नांगल गांव निवासी भाकियू अराजनीतिक के जिला सचिव वीरेंद्र ठेकेदार ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब आठ बजे उनके भतीजे गौरव पंवार और बेटे रजत बाइक से किरठल गांव के कोल्हू पर गाड़ी में गुड़ भरवाने गए थे। गुड़ भरवाने के बाद दोनों बाइक से घर लौट रहे थे।
किरठल गांव से रमाला की ओर जाते समय अचानक एक गोवंश दौड़ता हुआ सड़क पर आया और उनकी बाइक उससे टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों सड़क पर गिर गए। इस दौरान गौरव के सिर में गंभीर चोट लगी। राहगीरों ने दोनों को उठाया और घटना की जानकारी परिजनों को दी।
परिजन दोनों घायलों को बड़ौत के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गौरव की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया। परिजन उन्हें मेरठ लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही गौरव की मौत हो गई।
वीरेंद्र ने बताया कि गौरव पंवार के छोटे भाई नितिन पंवार राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी हैं और गोरखपुर रेलवे में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। गौरव गुड़-खांड का कारोबार करते थे। उनके परिवार में मां शर्मिला देवी, पिता आनंदपाल, पत्नी पूजा और तीन माह की बेटी अनन्या है।
सड़कों से खेतों तक गोवंश, हादसों से लोग परेशान
जिले में सड़कों से लेकर खेतों तक बड़ी संख्या में गोवंश घूम रहे हैं। इनके कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। किसानों ने अधिकारियों के सामने कई बार गोवंशों को पकड़वाने की मांग उठाई है, लेकिन समाधान आश्वासन तक ही सीमित रहा है।
गोवंशों को नहीं पकड़े जाने से हादसे बढ़ रहे हैं और कई किसानों की जान भी जा चुकी है। मौजिजाबाद नांगल गांव निवासी विनोद, योगेश और संतोष आदि ने जल्द गोवंशों को पकड़वाकर गोशाला भेजने की मांग की है।
गोवंशों के कारण पहले भी हो चुकी हैं मौतें
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर तहसील के पास सितंबर 2025 में गोवंश से बिजली मैकेनिक लक्की (24) की बाइक टकरा गई थी। हादसे में गोवंश का सींग लक्की के पेट में घुस गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
जनवरी 2025 में खेकड़ा कस्बे के मोहल्ला मुंडाला निवासी दृष्टिहीन राकेश बाजार जा रहे थे। इसी दौरान सांड़ ने उन्हें टक्कर मार दी। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी।
अगस्त 2025 में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बड़ौत में गोवंश से बाइक टकराने के बाद बावली निवासी दूधिया मुन्ना (55) सड़क पर गिर गए थे। हादसे में उनकी मौत हो गई थी।
मार्च 2026 में नवादा गांव में खेत में काम करने गए बुजुर्ग किसान विजय सिंह को सांड़ ने उठाकर पटक दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
ये बोले अधिकारी
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी रमेश चंद यादव ने कहा कि गोवंश से बाइक टकराने के कारण राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी के भाई की मौत होने की जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने बताया कि टीम को भेजकर गोवंशों को पकड़वाकर गोशाला भिजवाया जाएगा।
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