बड़ौत हत्याकांड: माफिया अजीत हप्पू को 10 साल, साथियों को 7-7 साल की सजा

बड़ौत। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय त्वरित न्यायालय द्वितीय की न्यायाधीश नीलू मैनवाल ने माफिया अजीत हप्पू को गैंगस्टर के तहत दस साल की सजा सुनाई। उनके साथियों प्रवेश उर्फ हैप्पी, विकास और दीपक को सात-सात साल की जेल हुई। साथ ही सभी पर अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे अदा नहीं करने पर सजा बढ़ाई जाएगी।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
जनवरी 2017 में बड़ौत कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी विजय सिंह ने बावली गांव में दो किसान भाइयों, जयवीर और राजकुमार की हत्या के मामले में अजीत हप्पू और उसके कई साथियों के खिलाफ गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें शोबीर, दीपक, विकास, पिंटू, विक्रांत, लोकेश, प्रवेश उर्फ हैप्पी और रवि भी शामिल थे। सभी के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास समेत कई मामले भी दर्ज हैं।
पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। कई आरोपियों की फाइलें अलग कर दी गईं। इसके बाद अजीत हप्पू, प्रवेश, विकास, दीपक और रवि की सुनवाई त्वरित न्यायालय द्वितीय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई।
सजा का निर्णय
मंगलवार को सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश नीलू मैनवाल ने अजीत हप्पू, प्रवेश, विकास और दीपक को दोषी ठहराया, जबकि रवि को बरी कर दिया। अजीत हप्पू को दस साल की जेल और 50,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई, जिसे अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास बढ़ाया जाएगा। प्रवेश, विकास और दीपक को सात-सात साल की जेल और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई, जिसे अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा बढ़ाई जाएगी।
तीनों साथियों को पहले भी हो चुकी है आजीवन कारावास की सजा
गैंगस्टर मामलों में सात साल की सजा पाने वाले दीपक, विकास और प्रवेश उर्फ हैप्पी को पहले भी बावली गांव के दो भाइयों की हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। अजीत हप्पू के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमले, रंगदारी समेत कुल 43 मामले दर्ज हैं।
अफीम तस्कर को पांच साल की जेल
अपर सत्र न्यायालय ने अफीम तस्कर रोहित (निवासी झाल, जिला शामली) को पांच साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसे अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त सजा बढ़ाई जाएगी। वर्ष 2019 में रमाला थाने में एसआई नसीम अहमद द्वारा दर्ज प्राथमिकी में रोहित के पास से 2.4 किलो अफीम बरामद हुई थी।
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