बिहार में सड़क-पुल परियोजनाओं के लिए 21 हजार करोड़ का कर्ज लेगी सरकार, नाबार्ड से हुआ MOU

HIGHLIGHTS
- पथ निर्माण विभाग और नाबार्ड के बीच शुक्रवार को एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
- जेपी गंगा पथ के विस्तार समेत कई सड़क और एलिवेटेड रोड परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
- कार्यक्रम में 'नाबार्ड इन बिहार' बुकलेट का विमोचन किया गया।
पटना। बिहार सरकार सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 21 हजार करोड़ रुपये का ऋण लेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में शुक्रवार को पथ निर्माण विभाग और नाबार्ड के बीच इस राशि को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ।
लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन वी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
सरकार इस ऋण राशि का इस्तेमाल तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान सड़क और पुल से जुड़ी घोषित योजनाओं को लागू करने में करेगी। उत्तर बिहार के लिए स्वीकृत सड़क और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की राशि 13,142 करोड़ रुपये है, जबकि दक्षिण बिहार के लिए 30,000 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत हैं।
सड़क परियोजनाओं में कई योजनाएं शामिल
नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान दक्षिण बिहार में 64 सड़क परियोजनाओं की घोषणा की गई थी। वहीं उत्तर बिहार में 42 परियोजनाएं घोषित की गई थीं। इन सभी योजनाओं को राज्य कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है।
जेपी गंगा पथ के विस्तार की योजना
प्रगति यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं में जेपी गंगा पथ का बिहटा के रास्ते कोइलवर तक विस्तार और पूर्व दिशा में दीदारगंज से मोकामा तक विस्तार शामिल है। पथ निर्माण विभाग ने इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत पूरा करने का फैसला किया है।
इसके अलावा पटना, रोहतास और दरभंगा में एलिवेटेड रोड तथा कई शहरों में बाइपास बनाने की योजनाएं भी शामिल हैं। सड़कों के चौड़ीकरण से जुड़ी कई परियोजनाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। दीघा से मनेर तक एलिवेटेड कॉरिडोर भी इसी योजना का हिस्सा है।
प्रमुख परियोजनाओं में बिहटा-मनेर मार्ग की फोरलेनिंग, पटना एयरपोर्ट के पास एलिवेटेड रोड, आरा रिंग रोड, आरा-बबुरा-छपरा सड़क का चौड़ीकरण, पीरो में बाइपास, मधुबनी में रिंग रोड और गोपालगंज के मीरगंज में बाइपास निर्माण शामिल हैं।
'नाबार्ड इन बिहार' बुकलेट का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विकास में नाबार्ड का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है और आगे भी इसी तरह सहयोग की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क और पुल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इस समझौते से खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे विकास योजनाओं को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और पुल राज्य के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत सड़क संपर्क होने से लोगों का आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन वी ने कहा कि बिहार तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में नाबार्ड हर संभव सहयोग करेगा और राज्य में आधारभूत संरचना के विकास में उसकी सहभागिता आगे भी जारी रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'नाबार्ड इन बिहार' बुकलेट का विमोचन भी किया।
पारंपरिक कला के क्षेत्र में तीन लोगों को सम्मान
समारोह में पारंपरिक कला और शिल्प के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए तीन लोगों को जीआई प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। भोजपुर के संजीव सिन्हा को पिड़िया पेंटिंग, गया के रविंद्र नाथ गौड़ को पत्थर कट्टी और नालंदा की बावन बूटी कला के लिए सुरेश देव को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेन्द्र तथा नाबार्ड और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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