संगठन सबसे ऊपर, हम सभी कांग्रेस के मजबूत सिपाही: आराधना मिश्रा मोना

HIGHLIGHTS
- मोना ने कहा कि संगठन किसी भी व्यक्ति के पद से बड़ा है।
- दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं बताईं।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील की।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि संगठन में किसी व्यक्ति का पद महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि संगठन सबसे ऊपर है। उनका मुख्य उद्देश्य कांग्रेस को मजबूत करना और 2027 में प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनाना है।
नियुक्ति के बाद दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए मोना ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का पद स्थायी नहीं होता। आज वह इस जिम्मेदारी पर हैं, जबकि आने वाले समय में कोई और इसे संभालेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता ईमानदार और मजबूत सिपाही हैं।
मोना ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं का एक साझा लक्ष्य है और इसे हासिल करने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करने की अपील की। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयासों के जरिए ही कांग्रेस अपने उद्देश्यों को पूरा कर सकती है।
2027 में गठबंधन सरकार बनाने का लक्ष्य
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनका प्रमुख लक्ष्य प्रदेश में गठबंधन सरकार बनाना है। इसके लिए पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह लक्ष्य राहुल गांधी की सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपेक्षा है। मोना ने भरोसा जताया कि सभी के मिलकर प्रयास करने से इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
रीता बहुगुणा के बाद फिर महिला चेहरे पर भरोसा
प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। इस बदलाव में उनका शैक्षिक बैकग्राउंड और महिला नेतृत्व के तौर पर उनका उभरना खास पहलू है।
आराधना मिश्रा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की है और एमबीए की डिग्री हासिल की है। उनकी पहचान प्रदेश की पढ़ी-लिखी और मुखर महिला नेताओं में होती है।
पार्टी सूत्रों का मानना है कि उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक समझ उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देती है। कांग्रेस हाईकमान ने इस नियुक्ति के जरिए उत्तर प्रदेश में एक बार फिर महिला नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
इससे पहले प्रो. रीता बहुगुणा जोशी भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। हालांकि, पिछले कई वर्षों से वह भाजपा में हैं। अब कांग्रेस ने एक बार फिर महिला चेहरे को आगे कर राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश की है।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की इस रणनीति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आराधना मिश्रा के जरिए पार्टी की नजर प्रदेश की आधी आबादी यानी महिलाओं और ब्राह्मण मतों पर भी है। वह राज्यसभा सांसद और दिग्गज ब्राह्मण नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति के जरिए पार्टी सवर्ण, खासकर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच संदेश देने की कोशिश कर रही है।
सड़क से सदन तक संघर्ष का रहा है इतिहास
प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी और प्रवक्ता हसीब अहमद ने कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आराधना मिश्रा ने प्रदेश में ब्राह्मणों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाई है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि उनकी आक्रामक शैली और शिक्षित छवि आगामी चुनाव में कांग्रेस को नई धार दे सकती है। शीर्ष नेतृत्व के इस फैसले के बाद प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है। जल्द ही जिला और शहर कमेटियों के गठन की घोषणा भी होने की संभावना है।
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