जयपुर में जर्जर सरकारी स्कूल भवन पर चला बुलडोजर, जल्द बनेगा नया भवन

HIGHLIGHTS
- तकनीकी सर्वे के बाद स्कूल भवन को जर्जर घोषित किया गया था।
- बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल को पहले ही दूसरी जगह शिफ्ट किया गया था।
- नए भवन के निर्माण के लिए कुल 18 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
जयपुर। सांगानेर क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में लंबे समय से जर्जर सरकारी प्राथमिक स्कूल भवन को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने खस्ताहाल इमारत पर बुलडोजर चलाकर उसे गिराने का काम शुरू कर दिया है। तकनीकी सर्वे के बाद भवन को जर्जर घोषित किया गया था। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल को पहले ही अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था। अब इसी स्थान पर नया और सुरक्षित स्कूल भवन बनाया जाएगा।
पुराने भवन को पूरी तरह हटाने के बाद उसी जगह नए स्कूल भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 18 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इसमें 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) और 6 लाख रुपये विधायक निधि से स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण कार्य 1 सितंबर से शुरू किए जाने की घोषणा की गई थी।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि बच्चों को जल्द ही बेहतर और सुरक्षित स्कूल भवन मिल सकेगा। जर्जर इमारत हटाए जाने के बाद नए भवन की नींव रखी जाएगी।
21 अगस्त को स्कूल के निरीक्षण को लेकर हुआ था विवाद
यह वही स्कूल है, जिसका जायजा लेने के लिए 21 अगस्त को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम रामपुरा-कंवरपुरा गांव पहुंची थी। हालांकि, इस दौरान ग्रामीणों और टीम के सदस्यों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि ग्रामीणों ने टीम को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया और सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की गई।
बताया गया कि विवाद के दौरान टीम के वाहनों के शीशे भी क्षतिग्रस्त किए गए। घटना के बाद यह मामला चर्चा में आया और स्कूल भवन की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे।
विवाद के बाद सरकार ने लिया भवन बनाने का फैसला
सीजेपी टीम और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद बगरू क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुरा (कंवरपुरा) के जर्जर भवन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हुई। सरकार ने पुराने भवन की जगह नया स्कूल भवन बनाने का फैसला किया। इसी के तहत अब जर्जर इमारत को हटाया जा रहा है। स्कूल को पहले ही दूसरी जगह अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा था, ताकि जर्जर भवन में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्कूल निर्माण शुरू होने की जानकारी साझा की। उन्होंने दावा किया कि यह वही रामपुरा का स्कूल है, जो पहले भैंसों के तबेले में चल रहा था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान टीम पर पत्थर फेंके जाने, महिलाओं से मारपीट और वाहनों के शीशे तोड़े जाने का भी आरोप लगाया।
रांका ने कहा कि बच्चों के लिए बेहतर स्कूल भवन का निर्माण होना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। वहीं, अब प्रशासन की ओर से पुराने भवन को हटाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद इस स्कूल की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है।
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