राजस्थान निकाय चुनाव: पहले चरण में 72.09% वोटिंग, अरनोद में रिकॉर्ड 91.98% मतदान

HIGHLIGHTS
- पहले चरण में 39 जिलों के 162 नगरीय निकाय शामिल रहे।
- 5,393 वार्डों में पार्षद पदों के लिए मतदान हुआ।
- कुल 57,52,280 मतदाताओं में से 41,46,667 ने वोट डाला।
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान बुधवार को संपन्न हो गया। 39 जिलों के 162 नगरीय निकायों के 5,393 वार्डों में हुए मतदान में कुल 72.09 प्रतिशत वोटिंग हुई। कुल 57,52,280 मतदाताओं में से 41,46,667 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पहले चरण में पार्षद के 5,393 पदों के लिए 20,623 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला।
72 फीसदी से ज्यादा रहा कुल मतदान
राज्य में कुल मतदान प्रतिशत 72.09 फीसदी रहा। यानी प्रत्येक 100 मतदाताओं में करीब 72 लोगों ने वोट डाला। कुल 57.52 लाख मतदाताओं में से 41.46 लाख से अधिक लोगों ने मतदान किया। आंकड़ों से पता चलता है कि शहरी निकाय चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी काफी मजबूत रही।
प्रतापगढ़ के अरनोद में सबसे ज्यादा मतदान
पहले चरण में सबसे अधिक मतदान प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगर पालिका में दर्ज किया गया। यहां 91.98 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया। अरनोद में वोटिंग राज्य के औसत से करीब 20 प्रतिशत अंक अधिक रही। इसके अलावा कई छोटी नगरपालिकाओं में भी मतदान 90 फीसदी के आसपास या इससे ज्यादा रहा।
भीलवाड़ा की बिगोद नगरपालिका में 91.49 फीसदी, धौलपुर की सैंपऊ नगरपालिका में 90.77 फीसदी और डीग की पहाड़ी नगरपालिका में 90.32 फीसदी मतदान हुआ।
चित्तौड़गढ़ में सबसे कम मतदान
सबसे कम मतदान चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में हुआ, जहां 61.49 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला। इसके बाद भीलवाड़ा नगर निगम में 62.71 फीसदी, अलवर नगर निगम में 64.60 फीसदी और डूंगरपुर नगर परिषद में 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
बड़े शहरों की तुलना में छोटे कस्बों में ज्यादा वोटिंग
पहले चरण के आंकड़ों में एक स्पष्ट रुझान नजर आया। छोटी नगरपालिकाओं में मतदान प्रतिशत काफी अधिक रहा, जबकि बड़े नगर निगमों और शहरों में वोटिंग अपेक्षाकृत कम रही।
अरनोद, बिगोद, सैंपऊ और पहाड़ी जैसी छोटी नगरपालिकाओं में मतदान 90 फीसदी से अधिक रहा। वहीं, पहले चरण में शामिल बड़े नगर निगमों में अलवर में 64.60 फीसदी, भीलवाड़ा में 62.71 फीसदी और बीकानेर में 68.20 फीसदी मतदान हुआ। भरतपुर नगर निगम में 73.13 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई।
जयपुर जिले की 18 नगर निकायों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला। यहां औसत मतदान करीब 72.66 फीसदी रहा। कानोता में 81.37 फीसदी और बस्सी में 79.05 फीसदी तक मतदान हुआ, जबकि सांभर में 62.92 फीसदी और फुलेरा में 65.76 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई।
चुनावी तस्वीर अब EVM में बंद
पहले चरण में 20,623 प्रत्याशियों का चुनावी भविष्य EVM में बंद हो गया है। अब दूसरे चरण के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा। दोनों चरणों के वोटों की गिनती 14 सितंबर को की जाएगी।
पहले चरण के आंकड़ों से फिलहाल इतना स्पष्ट है कि शहरी राजस्थान में छोटे कस्बों में मतदान को लेकर ज्यादा उत्साह देखने को मिला, जबकि बड़े शहरों में मतदाता अपेक्षाकृत कम संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे। अब 14 सितंबर को नतीजों के साथ यह भी स्पष्ट होगा कि ज्यादा मतदान वाले इलाकों का चुनावी परिणाम किस पार्टी के पक्ष में जाता है।
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