दिशा सालियान मौत मामले में CBI जांच के आदेश, नितेश राणे ने फैसले का किया स्वागत

HIGHLIGHTS
- मुंबई हाईकोर्ट ने मालवानी पुलिस को मामले से जुड़े रिकॉर्ड CBI को सौंपने का निर्देश दिया।
- CBI को दिशा सालियान की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की गहन जांच करनी होगी।
- नितेश राणे ने मामले में कथित साक्ष्य नष्ट किए जाने की जांच की मांग की।
दिशा सालियान की मौत के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को प्राथमिकी दर्ज कर गहन जांच करने का निर्देश दिया है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने दावा किया कि दिशा सालियान की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच में साक्ष्य नष्ट किए जाने और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने इस मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से साफ इनकार किया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर पिछले छह वर्षों से उन्हें बदनाम करने का अभियान चलाने का आरोप लगाया। ठाकरे ने कहा कि जब उनका इस मामले से कोई संबंध ही नहीं है, तो उन्हें इस पर जवाब देने की जरूरत नहीं है।
'राहुल गांधी को पप्पू बनाने की कोशिश की गई'
नासिक में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनका दिशा सालियान मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इसे सत्ताधारी दल की ओर से राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने की कोशिश बताया।
ठाकरे ने कहा कि यह ऐसा मामला है, जिससे उनका कोई संबंध नहीं है और उन्होंने इसके बारे में सोचा तक नहीं है। ऐसे में उन्हें इस पर जवाब क्यों देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा हर किसी को बदनाम करने की कोशिश करती है। उनके मुताबिक, भाजपा ने वर्षों तक राहुल गांधी को 'पप्पू' बनाने की कोशिश की है और पिछले छह साल से उन्हें भी बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
'भाजपा व्यवस्थित तरीके से लोगों को निशाना बनाती है'
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी उन लोगों को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाती है, जो उसके अधिकार को चुनौती देते हैं। उन्होंने दोहराया कि अगर किसी व्यक्ति का किसी मामले से कोई संबंध नहीं है, तो उस व्यक्ति को उस मामले पर बोलने या उसे महत्व देने की जरूरत नहीं है।
ठाकरे का यह बयान महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के आज दिए गए बयान के बाद आया। राणे ने कहा था कि अगर दिशा सालियान की मौत के मामले में नामित आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों का इस घटना से कोई संबंध नहीं है, तो उन्हें सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
'दिशा सालियान की मौत को आत्महत्या नहीं माना जाना चाहिए'
मुंबई उच्च न्यायालय की ओर से CBI को जांच का निर्देश दिए जाने के बाद नितेश राणे ने कहा कि वह शुरू से ही दिशा सालियान की मौत को आत्महत्या मानने के पक्ष में नहीं रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि CBI की जांच के बाद मामले से जुड़े तथ्य सामने आएंगे।
राणे ने कहा, 'हम पहले दिन से ही स्पष्ट थे कि यह आत्महत्या नहीं था, यह हत्या का मामला था और अब इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब सीबीआई की जांच शुरू होगी और एक प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।'
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिक अपेक्षा है कि कथित साक्ष्यों को नष्ट किए जाने और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाए।
साक्ष्य नष्ट करने का लगाया आरोप
नितेश राणे ने कहा, 'मेरी एकमात्र अपेक्षा यह है कि हमारी बहन दिशा सालियान के साथ जो गलत हुआ था और जिस तरह से साक्ष्यों तथा प्रमाणों को नष्ट करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया गया था, वह सब अब सामने आएगा।'
उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'अंत में, आप सच्चाई को कितना भी छिपाने की कोशिश करें, वह आखिरकार सामने आ ही जाती है।'
नितेश राणे ने मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान को राहत मिलेगी।
क्या है हाईकोर्ट का निर्देश?
मुंबई उच्च न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को दिशा सालियान की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों की गहन जांच करने को कहा है।
अदालत ने मालवानी पुलिस थाने को मामले से संबंधित अभिलेख CBI को सौंपने का भी निर्देश दिया है।
दिशा सालियान प्रसिद्ध हस्तियों की प्रबंधक थीं। 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद वह मृत पाई गई थीं। उनकी मौत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के बांद्रा स्थित आवास पर मृत पाए जाने से कुछ दिन पहले हुई थी।
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