चेन्नई-पूर्णिया उड़ान संभव, लेकिन सरकार की उदासीनता से विकास धीमा: पप्पू यादव

पूर्णिया। पूर्णिया एयरपोर्ट एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में है। सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की उदासीनता के कारण एयरपोर्ट के विस्तार की रफ्तार प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि अगर सरकार इच्छाशक्ति दिखाती, तो हवाई सुविधा को और बेहतर बनाया जा सकता था।
सांसद ने बताया कि कोलकाता, अहमदाबाद, दिल्ली और हैदराबाद के बाद अब चेन्नई से भी पूर्णिया के लिए हवाई सेवा शुरू होने की संभावना है। उन्हें यह जानकारी केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु द्वारा भेजे गए पत्र से मिली है।
पप्पू यादव ने दोबारा मांग उठाई कि एयरपोर्ट का नामकरण फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ या भोला पासवान शास्त्री के नाम पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों हस्तियां इस क्षेत्र की पहचान रही हैं, बावजूद इसके राज्य सरकार नामकरण को लेकर सक्रियता नहीं दिखा रही है। उनके अनुसार, लगातार हो रही देरी सरकार की संवेदनहीनता का संकेत है।
केंद्रीय मंत्री के पत्र में बताया गया है कि उड़ान 5.0 योजना के तहत पूर्णिया एयरपोर्ट का चयन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए किया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 सितंबर 2025 को इसका उद्घाटन किया गया था और उसी दिन से हवाई संचालन शुरू हो गया था। वर्तमान में इंडिगो और स्टार एयर की उड़ानें यहां से कोलकाता, अहमदाबाद, दिल्ली और हैदराबाद के लिए सीधी सेवा दे रही हैं, और प्रति सप्ताह 70 से अधिक उड़ानें संचालित हो रही हैं।
चेन्नई-पूर्णिया सेवा को लेकर पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि घरेलू विमानन क्षेत्र अब नियंत्रणमुक्त है, इसलिए नए रूट शुरू करना एयरलाइनों का व्यावसायिक निर्णय है। फिर भी सांसद की मांग को सभी एयरलाइन कंपनियों तक सकारात्मक विचार के लिए पहुंचा दिया गया है।
सांसद पप्पू यादव का कहना है कि यदि राज्य सरकार केंद्र के साथ तालमेल बढ़ाए, तो पूर्णिया एयरपोर्ट सीमांचल, कोसी और पूर्णिया प्रमंडल के लिए विकास का बड़ा आधार बन सकता है। चेन्नई उड़ान शुरू होने से क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
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