जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर हनुमान बेनीवाल का हमला, बोले- लोकतंत्र में असहमति अपराध नहीं

HIGHLIGHTS
- आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्रों, छात्राओं और महिलाओं पर कथित लाठीचार्ज की निंदा की।
- बेनीवाल ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और युवाओं के सवालों का समाधान संवाद व पारदर्शिता से होना चाहिए।
- आरएलपी सांसद ने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने और प्रदर्शनकारियों की समस्याओं का संवेदनशील समाधान निकालने की अपील की।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, छात्राओं और महिलाओं पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
अधिकारों का सम्मान जरूरी- बेनीवाल
बेनीवाल ने अपने बयान में कहा कि एक ओर सरकार महिला आरक्षण, महिलाओं के सम्मान और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही बेटियों और युवाओं पर पुलिस कार्रवाई कराई जाती है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार का दोहरा रवैया सामने आता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।
संवाद से हल हों युवाओं से जुड़े मुद्दे
आरएलपी प्रमुख ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत, पारदर्शिता और सकारात्मक प्रयासों के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दमन और बल प्रयोग के जरिए जनता की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करता है और इससे सरकार तथा जनता के बीच भरोसे का संकट पैदा होता है।
युवाओं की आवाज बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है- बेनीवाल
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जंतर-मंतर से लेकर संसद के बाहर तक हुए प्रदर्शन देश में व्यवस्था को लेकर बढ़ रहे आक्रोश को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से जिस तरह अपनी नाराजगी जाहिर की है, वह अन्याय और दमन के खिलाफ जनभावनाओं को दिखाता है।
उन्होंने दावा किया कि युवाओं की यह आवाज आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकती है।
‘असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है’
सांसद बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए लिखा कि लोकतंत्र में असहमति कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सवालों का जवाब संवाद, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ दिया जाना चाहिए, न कि पुलिस बल और लाठीचार्ज के माध्यम से।
उन्होंने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने और युवाओं की समस्याओं का शांतिपूर्ण एवं संवेदनशील समाधान निकालने की अपील की।
बेनीवाल ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती जनता की आवाज सुनने और संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देने से होती है। उन्होंने कहा कि सरकार को विरोध और असहमति को दबाने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.