एचडीएफसी बैंक ने एमसीएलआर दरों में की कटौती, ग्राहकों को मिलेगा फायदा

देश के प्रमुख निजी बैंक एचडीएफसी ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट्स (एमसीएलआर) में बदलाव किया है। नए बदलाव के तहत कुछ चुनिंदा लोन टेन्योर पर दरों में 5 बेसिस पॉइंट (बीपीएस) की कटौती की गई है। यह संशोधित दरें 7 जनवरी, 2026 से लागू हो गई हैं।
बैंक के इस कदम से एमसीएलआर से जुड़े लोन धारकों को राहत मिलेगी। अब विभिन्न अवधि के लिए एमसीएलआर दरें 8.25 फीसदी से 8.55 फीसदी के बीच तय की गई हैं।
एमसीएलआर में बदलाव का विवरण:
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ओवरनाइट और एक महीने की एमसीएलआर दर 8.30% से घटकर 8.25% हुई।
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तीन महीने की दर 8.35% से घटकर 8.30% हुई।
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छह महीने की दर 8.40% पर बनी रही।
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एक साल की दर 8.45% से घटकर 8.40% हुई।
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दो साल और तीन साल की दर क्रमशः 8.50% और 8.55% पर स्थिर हैं।
| अवधि | एमसीएलआर (दिसंबर 2025) | नई एमसीएलआर (7 जनवरी 2026 से) |
|---|---|---|
| ओवरनाइट | 8.30% | 8.25% |
| 1 महीना | 8.30% | 8.25% |
| 3 महीने | 8.35% | 8.30% |
| 1 वर्ष | 8.45% | 8.40% |
| 2 वर्ष | 8.50% | 8.50% |
| 3 वर्ष | 8.55% | 8.55% |
एमसीएलआर क्या है?
एमसीएलआर (Marginal Cost of Funds-based Lending Rate) एक न्यूनतम ब्याज दर होती है, जो बैंक किसी लोन पर वसूलते हैं। यह दर लोन की ब्याज सीमा तय करती है और बैंक की फंडिंग लागत पर आधारित होती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2016 में एमसीएलआर प्रणाली लागू की थी।
एचडीएफसी बैंक की वर्तमान आधार दर 8.90% है, जो 19 सितंबर, 2025 से लागू है। वहीं, बैंक की बेंचमार्क PLR (BPLR) को भी 19 सितंबर, 2025 से संशोधित कर 17.40% प्रति वर्ष कर दिया गया है।
इस बदलाव से ग्राहक अब अपने होम लोन, पर्सनल लोन और अन्य एमसीएलआर आधारित लोन पर कम ब्याज का लाभ उठा सकेंगे।
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