'आज अनशन समाप्त कर दूंगा': अस्पताल से सोनम वांगचुक ने लिखा पत्र

HIGHLIGHTS
- नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP का संसद मार्च आज प्रस्तावित, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी।
- सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए सरकार से जिम्मेदारी स्वीकार करने समेत तीन शर्तें रखीं।
- संसद सत्र को देखते हुए जंतर-मंतर से संसद तक बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, नई दिल्ली में धारा 163 लागू है।
नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सीजेपी (CJP) की ओर से संसद मार्च प्रस्तावित है। इसे देखते हुए जंतर-मंतर से संसद भवन तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है। संसद का मानसून सत्र शुरू होने के कारण पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है। जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।
सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन शर्तें
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर देंगे। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के सामने तीन शर्तें रखी हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को हालिया शिक्षा व्यवस्था की कमियों और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह और सीजेपी (CJP) का नेतृत्व संसद के दरवाजे तक पहुंचे, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता उन्हें भरोसा दिलाएं कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।
सोनम वांगचुक ने आगे कहा कि अगर उनकी सेहत या किसी अन्य कारण से ऐसा संभव नहीं हो पाता है, तो अलग-अलग दलों के सांसद और नेता अस्पताल पहुंचकर उन्हें यही आश्वासन दें। उन्होंने यह संदेश सफदरजंग अस्पताल से जारी किया, जहां उन्होंने अपनी आवाजाही, अभिव्यक्ति और संवाद की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही।
दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन के आसपास सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं। नई दिल्ली जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू है, जो पहले धारा 144 के नाम से जानी जाती थी।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति जंतर-मंतर से बाहर किसी भी तरह का मार्च या प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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