जेएनयू में छात्र झड़प, प्रशासन ने कहा गंभीर और अनुशासनहीन

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में रविवार देर रात दो छात्र समूहों के बीच हुए टकराव के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को विस्तृत बयान जारी कर घटना को चिंताजनक बताया है। प्रशासन के अनुसार 22 फरवरी की रात कुछ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के चलते कैंपस में तनाव का माहौल बन गया था।
बयान में कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने कथित रूप से कई शैक्षणिक भवनों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए। केंद्रीय पुस्तकालय में भी जाकर वहां अध्ययन कर रहे छात्रों से आंदोलन में शामिल होने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायत मिली। इसी बीच दो अलग-अलग छात्र समूह आमने-सामने आ गए और बहस ने झड़प का रूप ले लिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पढ़ाई का माहौल प्रभावित करने वाली गतिविधियों को अनुशासन के खिलाफ बताया है। साथ ही स्पष्ट किया कि मामले की जांच नियमों और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने कहा कि उसकी प्राथमिकता परिसर में शैक्षणिक वातावरण को सामान्य रखना और सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। छात्र संगठनों और अन्य हितधारकों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे से दूर रहने की अपील भी की गई है।
विश्वविद्यालय की ओर से यह भी बताया गया कि फिलहाल कक्षाएं, शोध और अन्य अकादमिक गतिविधियां नियमित रूप से चल रही हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
गौरतलब है कि रविवार रात सामने आए वीडियो में छात्रों के बीच हाथापाई और अफरातफरी के दृश्य दिखाई दिए थे। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को घेरकर हमला किया गया, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि शैक्षणिक भवनों को बंद करने के विरोध के दौरान विवाद बढ़ा।
यह घटनाक्रम कुलगुरु Shantishree Dhulipudi Pandit से जुड़े कथित बयान और उसके बाद शुरू हुए छात्र विरोध की पृष्ठभूमि में सामने आया है। अब प्रशासनिक जांच और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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