मुजफ्फरनगर: बकाया वेतन को लेकर डिस्टलरी कर्मचारियों का एमडी के घर के बाहर प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर स्थित सरशादी लाल डिस्टलरी से जुड़ा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। लंबे समय से वेतन न मिलने और फैक्ट्री के बंद होने से नाराज़ कर्मचारियों, सप्लायरों और ठेकेदारों ने शनिवार रात डिस्टलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रभात स्वरूप की जानसठ रोड स्थित कोठी के बाहर प्रदर्शन किया और धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन का नेतृत्व डिस्टलरी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष अमित राठी ने किया। इस दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि डिस्टलरी बंद होने से करीब 1500 लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है, जबकि लगभग 250 कर्मचारियों का करीब 15 करोड़ रुपये वेतन अभी भी बकाया है।

कई स्तरों पर उठाई गई मांग, लेकिन समाधान नहीं
यूनियन नेता अमित राठी ने बताया कि कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कई बार प्रशासन और श्रम विभाग से गुहार लगाई है। करीब छह महीने पहले श्रम विभाग में इस मुद्दे पर बैठक भी हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले कर्मचारियों ने डिस्टलरी परिसर में 43 दिनों तक धरना दिया था और मुख्यमंत्री तक अपनी मांगें पहुंचाने के लिए ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मानसिक तनाव और मौतों का भी आरोप
यूनियन का आरोप है कि लगातार आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव के कारण अब तक 13 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब वे और इंतजार करने की स्थिति में नहीं हैं।
एमडी के घर के बाहर जारी रहेगा धरना
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने डीएम और एसएसपी को भी पूरे मामले की जानकारी दी। उनका कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रबंधन से बातचीत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन मैनेजिंग डायरेक्टर प्रभात स्वरूप से संपर्क नहीं हो सका और उन्होंने फोन भी रिसीव नहीं किया।
कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक एमडी की कोठी के बाहर उनका धरना और आंदोलन जारी रहेगा।
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