मुजफ्फरनगर: मुठभेड़ में ‘बदमाशों का देवता’ गैंग का सदस्य गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

मुजफ्फरनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार यह व्यक्ति खुद को ‘बदमाशों का देवता’ गैंग का सदस्य बताकर एक मेडिकल व्यापारी से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था और 20 लाख रुपये में उसकी हत्या की सुपारी लेने का भी आरोप है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके साथी को तलाशी अभियान के दौरान दबोच लिया गया।
मुठभेड़ में आरोपी के पैर में लगी गोली
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि 4 मार्च को जिला परिषद मार्केट में मेडिकल एजेंसी चलाने वाले व्यापारी राजीव जैन को दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर 10 लाख रुपये की रंगदारी देने की धमकी दी गई थी।
शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि दो संदिग्ध बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास जंगल में देखे गए हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रामराज थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गांव का निवासी प्रताप उर्फ ‘बदमाशों का देवता’ गोली लगने से घायल हो गया।
साथी भी गिरफ्तार, हथियार बरामद
पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान उसके साथी रवि उर्फ शूटर को भी गिरफ्तार कर लिया, जो बागपत जिले के बालेनी थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। दोनों के पास से दो तमंचे, रंगदारी मांगने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और व्यापारी तथा उसके बेटे की जानकारी लिखी हुई पर्ची बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने रंगदारी मांगने की बात स्वीकार की है।
जेल में बनी थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित व्यापारी से पहले कोयले की खदान दिलाने के नाम पर करीब छह करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में हाथरस निवासी अतुल को जुलाई 2025 में जेल भेजा गया था।
जेल में ही उसकी मुलाकात प्रताप से हुई और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। पुलिस के अनुसार, यहीं पर व्यापारी से रंगदारी वसूलने और उसकी हत्या की योजना बनाई गई। आरोप है कि अतुल ने व्यापारी का पता और मोबाइल नंबर प्रताप को दिया और उसने 20 लाख रुपये में हत्या की सुपारी ले ली।
रेकी कर दी थी धमकी
जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी ने व्यापारी की दुकान और दिनचर्या की जानकारी जुटाई। उसने दुकान और व्यापारी की तस्वीरें भी लीं और बाद में फोन कर खुद को ‘बदमाशों का देवता’ गैंग का सदस्य बताते हुए 10 लाख रुपये की मांग की। पैसे न देने पर दो दिन में अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी।
इंस्टाग्राम पर बनाया गैंग का ग्रुप
जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर ‘बदमाशों का देवता’ नाम से एक ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में हथियारों के फोटो और वीडियो साझा किए जाते थे, ताकि लोगों में डर का माहौल बनाया जा सके। बरामद मोबाइल फोन में ऐसे कई फोटो और वीडियो पुलिस को मिले हैं।
आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रताप के खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। उसने पूछताछ में हरिद्वार में 25 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने की बात भी स्वीकार की है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक इतिहास की पड़ताल की जा रही है।
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