नीट विवाद: थरूर बोले- यह पूरी पीढ़ी के साथ विश्वासघात है

HIGHLIGHTS
- कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, विशेषकर नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
- उन्होंने बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को देश की पूरी युवा पीढ़ी के साथ अन्याय और भरोसे का संकट बताया।
- थरूर ने कहा कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
- उनके अनुसार, “छात्र सालों मेहनत करते हैं, लेकिन अचानक पेपर लीक, भ्रष्टाचार या अनियमितताओं की खबरें सामने आ जाती हैं, जिससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो जाते हैं और कई बार…
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, विशेषकर नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को देश की पूरी युवा पीढ़ी के साथ अन्याय और भरोसे का संकट बताया।
थरूर ने कहा कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है। उनके अनुसार, “छात्र सालों मेहनत करते हैं, लेकिन अचानक पेपर लीक, भ्रष्टाचार या अनियमितताओं की खबरें सामने आ जाती हैं, जिससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो जाते हैं और कई बार परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ती हैं।”
उन्होंने भारत की परीक्षा व्यवस्था की तुलना अंतरराष्ट्रीय मानकों से करते हुए उसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि एसएटी, कैम्ब्रिज जैसी परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाती हैं, लेकिन भारत में बार-बार ऐसी गड़बड़ियां क्यों सामने आती हैं, यह गंभीर चिंता का विषय है।
थरूर ने सवाल उठाया कि सरकार राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में क्यों असफल हो रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इस व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति के लिए केवल सरकार और संबंधित संस्थाएं, जैसे मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उनके अनुसार, यदि इस तरह की घटनाओं को रोका नहीं गया तो यह सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय होगा।
थरूर ने जोर देकर कहा कि यह समस्या पहली बार नहीं आई है, लेकिन अब इसे अंतिम बार होना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
इस बीच नीट-यूजी 2026 विवाद के चलते परीक्षा को 21 जून तक पुनर्निर्धारित किया गया है। पेपर लीक और प्रशासनिक खामियों के आरोपों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है, जिसने मामले में कई गिरफ्तारियां भी की हैं। वहीं, देशभर में छात्र संगठनों का विरोध भी तेज होता जा रहा है।
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