मुजफ्फरनगर में साइबर ठगों के बैंक अकाउंट नेटवर्क का खुलासा, मेरठ के दो युवक गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीशान उर्फ शाहरूख और मौहम्मद हसन के रूप में हुई।
- दोनों मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के कैली निवासी हैं।
- संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी ‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल से मिली थी।
मुजफ्फरनगर। साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने वाले नेटवर्क के खिलाफ साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने और उन खातों में ठगी की रकम मंगाकर उसे कैश कराने के आरोप में मेरठ के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी ठगी की रकम निकालने के बाद उसमें से अपना कमीशन रखते थे और बाकी रकम साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे।
गुरुवार सुबह करीब 7 बजे SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के कैली निवासी जीशान उर्फ शाहरूख और मौहम्मद हसन के तौर पर हुई है। दोनों पर साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। इन खातों में साइबर धोखाधड़ी के जरिए लोगों से ठगी गई रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद रकम निकालकर आगे भेजी जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का सुराग गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल से मिली संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी की जांच के दौरान मिला। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संदिग्ध खातों में हुए लेनदेन और उनके संचालन की जांच की। पड़ताल में इन खातों का संबंध साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों से सामने आने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि साइबर अपराधी ठगी की रकम इन म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद आरोपी खातों से रकम निकालते और उसमें से अपना कमीशन काट लेते थे। शेष रकम को अपने साइबर अपराधी साथियों तक पहुंचाने की बात सामने आई है।
जांच में एक और अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, नकद निकाली गई रकम का एक हिस्सा USDT के माध्यम से साइबर अपराधियों तक भेजा जाता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों ने साइबर अपराधियों को कितने बैंक खाते उपलब्ध कराए और इन खातों के जरिए अब तक कितनी रकम का लेनदेन किया गया है।
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