महिला आरक्षण पर गरमाई राजनीति, योगी बोले- विपक्ष ने आधी आबादी की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई

HIGHLIGHTS
- लखनऊ में रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विस्तार से बात की और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।
- दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस कानून को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग कर रहे हैं, जबकि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर…
लखनऊ में रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विस्तार से बात की और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस कानून को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग कर रहे हैं, जबकि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। उनके अनुसार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने के दिन विपक्ष ने महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई और उसे “काला दिन” बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर महिलाओं में असंतोष है और आने वाले चुनावों में वे अपने वोट के जरिए जवाब देंगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास के लिए चार प्रमुख वर्गों—महिलाएं, युवा, गरीब और किसान—को प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल जातिवाद की राजनीति के जरिए देश को कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं और इसी कारण वे ऐसे सुधारात्मक कदमों का विरोध करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठनों की ओर से महिला आरक्षण विधेयक को जल्द लागू करने की मांग उठी थी, जिस पर सरकार ने विशेष सत्र बुलाकर चर्चा कराई। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास रहा कि किसी भी राज्य या वर्ग के अधिकार प्रभावित न हों। इसी कारण सीटों के पुनर्गठन और बढ़ोतरी पर भी विचार किया गया, ताकि महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि संसद के विशेष सत्र के दौरान इस विधेयक पर चर्चा करते समय विपक्षी दलों की कुछ टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल संविधान और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूल भावना के विपरीत धर्म आधारित आरक्षण की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इन दलों ने महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के हित में ठोस कदम नहीं उठाए। मुख्यमंत्री ने शाहबानो प्रकरण और ट्रिपल तलाक कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर भी विपक्षी दलों का रुख महिलाओं के हित में नहीं रहा।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए कई सुधारात्मक कदमों का विपक्ष लगातार विरोध करता रहा है, लेकिन जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
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