मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी स्नान शुरू, 16 हजार श्रद्धालुओं ने डल झील में लगाई डुबकी

HIGHLIGHTS
- पावन स्नान से पहले शिव चेलों ने विधि-विधान से पूजा की।
- 14 से 17 सितंबर तक कुल 16,442 श्रद्धालु मणिमहेश पहुंचे।
- 17 सितंबर को खराब मौसम के बावजूद करीब 7 हजार लोग रवाना हुए।
चंबा। उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के सबसे बड़े और अहम धार्मिक पड़ाव राधाष्टमी के पावन स्नान का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। समुद्र तल से 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र डल झील में पहले दिन कड़ाके की ठंड के बीच करीब 16 हजार श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
सदियों पुरानी परंपरा के मुताबिक पारंपरिक शिव चेलों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद डल झील को पार करने की रस्म पूरी की गई और तुरंत बाद आम श्रद्धालुओं के लिए पावन स्नान शुरू कर दिया गया। पिछले करीब चार दिनों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु डल झील पहुंच रहे थे। इनमें 14 सितंबर को 2,985, 15 सितंबर को 2,605 और 16 सितंबर को 3,852 श्रद्धालु भरमौर से आगे रवाना हुए थे।
16 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे मणिमहेश
17 सितंबर को मौसम खराब होने के बावजूद अनुमानित सात हजार श्रद्धालु और शिव चेले डल झील की ओर रवाना हुए थे। इस तरह 14 से 17 सितंबर के बीच कुल 16,442 श्रद्धालु मणिमहेश पहुंचे थे। ये श्रद्धालु राधाष्टमी स्नान के लिए झील परिसर के आसपास सुरक्षित पड़ावों पर ठहरे हुए थे। शुक्रवार 18 सितंबर को यात्रा के लिए रवाना हुए नए श्रद्धालुओं की संख्या इस आंकड़े में शामिल नहीं है।
पवित्र डल झील में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने साक्षात शिव स्वरूप मणिमहेश कैलाश पर्वत के दर्शन किए। इसके साथ ही पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की मन्नतें मांगीं। स्नान का क्रम पूरा होने के बाद कई श्रद्धालुओं ने भरमौर की ओर लौटना शुरू कर दिया है।
वहीं, एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने बताया कि पवित्र राधाष्टमी स्नान को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शनिवार को स्नान के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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