शिबू सोरेन का जिक्र कर देवेंद्र नाथ महतो बोले- गुरुजी होते तो छात्रों के साथ खड़े होते

HIGHLIGHTS
- शिबू सोरेन का जिक्र कर देवेंद्र नाथ महतो बोले- गुरुजी होते तो छात्रों के साथ खड़े होते
- JPSC-JSSC आंदोलन में शिबू सोरेन की तस्वीर, देवेंद्र नाथ महतो ने हेमंत सरकार को घेरा
- ‘गुरुजी आज होते तो आंदोलन में शामिल होते’, देवेंद्र नाथ महतो ने शिबू सोरेन को किया याद
रांची। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। रांची में छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च शुरू किया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी इस मार्च में शामिल हुए। वह पिछले नौ दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर हैं। लगातार अनशन के चलते उनकी हालत कमजोर हो गई है और वह खुद चलने में सक्षम नहीं हैं। इसी वजह से उन्हें एंबुलेंस से मार्च स्थल तक लाया गया और इसके बाद स्ट्रेचर के जरिए आगे ले जाया गया।
9 दिन से भूख हड़ताल पर हैं देवेंद्रनाथ महतो
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि वह नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन इसके बावजूद छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के लिए विधानसभा की ओर आए हैं। उन्होंने कहा कि चलने की स्थिति में न होने के कारण वह एंबुलेंस से पहुंचे और अब स्ट्रेचर के सहारे मार्च में आगे बढ़ रहे हैं।
महतो ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को स्वीकार करना होगा। उन्होंने आंदोलन जारी रखने की बात दोहराते हुए कहा कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से निर्णय नहीं लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
जोखिम के बावजूद आंदोलन में शामिल हुए
विधानसभा घेराव मार्च के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह अपनी जान का जोखिम उठाकर आंदोलन में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह चल नहीं सकते और किसी भी समय पुलिस के साथ टकराव या भगदड़ की स्थिति बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जानते हैं कि वह दौड़ नहीं सकते और पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की स्थिति भी बन सकती है। इसके बावजूद वह आंदोलन में पहुंचे हैं।
महतो के मुताबिक, उनकी प्राथमिकता छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार छात्रों की मांगें नहीं मानती, आंदोलन चलता रहेगा।
शिबू सोरेन का जिक्र कर हेमंत सरकार पर निशाना
देवेंद्र नाथ महतो ने विधानसभा घेराव मार्च के दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन ने पूरी जिंदगी संघर्ष किया और आंदोलनों का नेतृत्व किया। महतो ने कहा कि अगर आज वह उनके बीच होते तो निश्चित रूप से छात्रों के आंदोलन में शामिल होते।
उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन आंदोलन में उनकी तस्वीर साथ रखी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जिक्र करते हुए महतो ने कहा कि यदि वह शिबू सोरेन को अपना आदर्श मानते हैं, तो उन्हें छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
एंबुलेंस से पहुंचे, स्ट्रेचर के सहारे मार्च में शामिल हुए
नौ दिनों से जारी भूख हड़ताल के कारण देवेंद्र नाथ महतो काफी कमजोर हो गए हैं। इसी वजह से उन्हें एंबुलेंस के जरिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा की ओर लाया गया। इसके बाद छात्रों ने उन्हें स्ट्रेचर पर आगे बढ़ाया।
महतो के मार्च में शामिल होने के दौरान छात्रों में उत्साह दिखाई दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने उनके समर्थन में नारे लगाए और उन्हें अपने साथ लेकर विधानसभा की ओर आगे बढ़ते रहे।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन
झारखंड में छात्र लंबे समय से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की मांगों में कथित परीक्षा धांधली की जांच, संबंधित परीक्षाओं में कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में सुधार सहित कई मुद्दे शामिल हैं।
छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों का अब तक संतोषजनक समाधान नहीं किया गया है। इसी के चलते उन्होंने विधानसभा घेराव का ऐलान किया।
सरकार के फैसले तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि शारीरिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद वह छात्रों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी होगी और उनकी मांगों पर फैसला लेना होगा।
उन्होंने दोहराया कि छात्रों की मांगें स्वीकार होने तक आंदोलन जारी रहेगा। विधानसभा घेराव मार्च को देखते हुए पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.