रीवा के अस्पताल में डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत; 2 डॉक्टर सस्पेंड

HIGHLIGHTS
- घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए
- पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई गई
- समिति को तीन दिन में रिपोर्ट सौंपनी है
भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से जुड़े गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान मनगवां निवासी कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
परिजनों के विरोध के बाद मेडिकल कॉलेज के डीन ने दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट कमिश्नर (DoPH & ME) और एमडी (NHM) को सौंपनी है। वहीं, मौत की सही वजह पता लगाने के लिए दोनों शवों का पैनल के माध्यम से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
प्रसूता का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए कह रही थी, "ऐ बाबू, हमको बचा लो…ये हमको मार डालेंगे।"
मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों ने किया हंगामा
मनगवां निवासी कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिए 25 अगस्त को गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि 26 अगस्त की रात इलाज में कथित लापरवाही के चलते जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना, बढ़ा तनाव
परिजनों का आरोप था कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने समय पर उचित उपचार नहीं दिया। इसके साथ ही नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार और मिसबिहेवियर करने के आरोप भी लगाए गए। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने सुबह से अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया, जिससे परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
जांच समिति गठित, पोस्टमार्टम भी जारी
घटना की पूरी जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई गई है। इसके अलावा मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए दोनों शवों का पैनल के जरिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि जांच समिति की रिपोर्ट के बाद यदि कोई अन्य डॉक्टर या स्टाफ भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में कल्पना मिश्रा एवं उनके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु के मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार तथा निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तथ्यों के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक प्रावधान किए जाएंगे।
26 अगस्त को अस्पताल में भर्ती हुई थीं कल्पना
उल्लेखनीय है कि कल्पना मिश्रा, पति अमित मिश्रा, निवासी ग्राम हटवा, थाना बैकुण्ठपुर, जिला रीवा को गांधी स्मारक चिकित्सालय, रीवा के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में 26 अगस्त को सुबह करीब 2:38 बजे भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसी दिन रात 11:55 बजे उनकी और उनके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो गई।
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