'मैं मार्च में जरूर जाऊंगी': सोनम वांगचुक की पत्नी का ऐलान, दिल्ली पुलिस ने कहा- अनुमति नहीं

HIGHLIGHTS
- दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है।
- नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू, जंतर-मंतर को छोड़कर विरोध-प्रदर्शन और जमावड़े पर प्रतिबंध।
- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी, संसद सत्र को लेकर सुरक्षा कड़ी।
नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन और 20 जुलाई (सोमवार) को प्रस्तावित 'संसद मार्च' को लेकर राजधानी दिल्ली में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एक ओर सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल से ही मार्च में शामिल होकर प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने की घोषणा की है, वहीं दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
'मैं कल के मार्च में जरूर शामिल होऊंगी'
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि वह सोमवार को होने वाले विरोध मार्च में सोनम वांगचुक का प्रतिनिधित्व करेंगी और स्वयं उसमें शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने तत्काल याचिका भी दायर की थी ताकि अस्पताल बदलने की अनुमति मिल सके। उनका कहना था कि यदि उन्हें उसी दिन शिफ्टिंग की अनुमति मिल जाती तो वे मेदांता पहुंचकर अगले दिन सुबह प्रदर्शन स्थल पर पहुंच सकते थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही अंदेशा था कि प्रशासन इसकी अनुमति नहीं देगा।
छात्रों और अभिभावकों से की अपील
डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने मार्च में शामिल होने वाले छात्रों और अभिभावकों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को बदनाम करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों से सतर्क रहें और किसी भी उकसावे में न आएं।
केवल पानी पीकर जारी है अनशन
उन्होंने यह भी बताया कि डॉक्टरों की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक ने तरल पदार्थ लेने से इनकार कर दिया है। उनके अनुसार, वह केवल पानी पीकर अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा- मार्च की अनुमति नहीं
20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो किसी प्रकार की अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई है।
नई दिल्ली जिले में धारा 163 बीएनएस लागू
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली जिले में धारा 163 बीएनएस लागू की गई है। इसके तहत जंतर-मंतर (सक्षम अनुमति के साथ) को छोड़कर पूरे जिले में किसी भी प्रकार के विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन या पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।
संसद सत्र के चलते कड़े सुरक्षा इंतजाम
20 जुलाई से संसद सत्र शुरू होने के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा, वीवीआईपी सुरक्षा और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे कानून का पालन करें, किसी भी अनधिकृत सभा या मार्च में हिस्सा न लें और सार्वजनिक शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करें।
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