मेरठ छावनी के ऊपर मंडराए संदिग्ध ड्रोन, सेना-पुलिस अलर्ट, रातभर चला सर्च ऑपरेशन

मेरठ। शनिवार रात मेरठ छावनी क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की सूचना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। करीब दस बजे तीन ड्रोन प्रतिबंधित क्षेत्र के ऊपर मंडराते हुए दिखाई देने की बात सामने आई, जिसके बाद सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया गया। देर रात तक चले ऑपरेशन के बावजूद किसी भी ड्रोन का स्पष्ट पता नहीं चल सका।
अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में ड्रोन उड़ने से बढ़ी चिंता
छावनी क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, जहां तीन किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर सख्त प्रतिबंध लागू है। प्रारंभिक रिपोर्ट में तीन ड्रोन देखे जाने की पुष्टि हुई है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या संख्या इससे अधिक हो सकती है।
अधिकारियों को आशंका है कि ड्रोन में नाइट विजन या अन्य निगरानी उपकरण हो सकते हैं। इसी कारण पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और आसपास के मार्गों पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन, वाहनों और लोगों की जांच
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने उस क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान चलाया जहां ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली थी। इस दौरान आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की गहन जांच की गई।
रविवार को भी पुलिस और खुफिया विभाग ने ड्रोन से जुड़ी जानकारियां जुटाने का काम जारी रखा। साथ ही ड्रोन संचालन से जुड़े व्यक्तियों और संस्थानों से भी संपर्क किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।
जासूसी मामलों के चलते एजेंसियां और सतर्क
हाल के महीनों में सामने आए जासूसी से जुड़े मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में ऐसे कई मामले उजागर हुए हैं, जिनमें युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए जोड़कर संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी जुटाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए छावनी क्षेत्र में ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि को बेहद गंभीर माना जा रहा है और हर पहलू से जांच की जा रही है।
बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना अपराध, हो सकती है सख्त कार्रवाई
पुलिस के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने के साथ एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने बताया कि घटना के बाद संयुक्त जांच और तलाशी अभियान चलाया गया है। ड्रोन उड़ाने वालों की पहचान और उनके उद्देश्य का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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