गैंगस्टर उधम सिंह की तलाश तेज, पुलिस ने घोषित किया 25 हजार का इनाम

HIGHLIGHTS
- योगी सरकार की माफिया सूची में शामिल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर उधम सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है।
- यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में पांच विशेष पुलिस टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं।
- एसएसपी अविनाश पांडेय ने बुधवार रात उसे फरार घोषित करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
- फर्जी जमानत के मामले में दर्ज हुआ केस उधम सिंह, जो डी-50 गैंग का सरगना बताया जाता है, 26 मार्च को उन्नाव जेल से जमानत पर रिहा हुआ था।
- उस पर आरोप है कि उसने…
योगी सरकार की माफिया सूची में शामिल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर उधम सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में पांच विशेष पुलिस टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं। एसएसपी अविनाश पांडेय ने बुधवार रात उसे फरार घोषित करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
फर्जी जमानत के मामले में दर्ज हुआ केस
उधम सिंह, जो डी-50 गैंग का सरगना बताया जाता है, 26 मार्च को उन्नाव जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत हासिल की। इस मामले में 9 अप्रैल 2026 को सरूरपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
शिकायतकर्ता अनवर का आरोप है कि शेखर नामक व्यक्ति ने उसे लोन दिलाने के बहाने उसके आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज ले लिए और बाद में उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल उधम सिंह की जमानत प्रक्रिया में किया गया।
कोर्ट ने रद्द की जमानत
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच रिपोर्ट अदालत को सौंपी, जिसके बाद कोर्ट ने उधम सिंह की जमानत रद्द कर दी। साथ ही उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है। अब पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ भी उसकी तलाश में जुट गई है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर उधम सिंह का एक पुराना वीडियो भी सामने आया है, जो 22 जुलाई 2021 का बताया जा रहा है। इसमें तत्कालीन सीओ सरधना आरपी शाही पुलिस टीम के साथ उसके गांव पहुंचे थे। वीडियो में उधम सिंह कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत और “टशन” दिखाते हुए नजर आता है।
50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज
उधम सिंह पर हत्या, लूट, रंगदारी और डकैती जैसे 50 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान भी गैंग संचालन करने के आरोपों में घिरा रहा है। खौफ के चलते कई मामलों में गवाह उसके खिलाफ बयान देने से बचते रहे हैं।
रंगदारी और गैंगवार से जुड़ी घटनाएं
रिहाई के बाद भी उसके खिलाफ आपराधिक गतिविधियां जारी रहने के आरोप हैं। वर्ष 2021 में उस पर बैंक कर्मचारियों को धमकाकर जबरन लोन कराने का दबाव बनाने का मामला भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा वह कई गैंगवार मामलों और रंगदारी वसूली के आरोपों में भी चर्चा में रहा है।
हाल ही में उसके गैंग के शूटर आशु उर्फ मोंटी की एसटीएफ मुठभेड़ में मौत के बाद उसके नेटवर्क पर भी पुलिस ने और कड़ा शिकंजा कस दिया है।
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