वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेंटल हाउसिंग नीति बनाएगी योगी सरकार, नौ सदस्यीय समिति गठित

HIGHLIGHTS
- नौ सदस्यीय समिति दूसरे राज्यों की नीतियों का अध्ययन करेगी।
- आवास नीति के तहत भवन निर्माण में विभिन्न छूट की सिफारिश की जा सकती है।
- जल और गृहकर में राहत देने का प्रस्ताव भी समिति सरकार को दे सकती है।
लखनऊ। वरिष्ठ नागरिकों को कम किराये में सुरक्षित आवास और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ सरकार पहली बार रेंटल हाउसिंग नीति तैयार करने जा रही है। इसके लिए आवास एवं शहरी नियोजन के सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
यह समिति दूसरे राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों को न्यूनतम किराये पर सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराने की नीतियों का अध्ययन करेगी। प्रदेश में भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए कम किराये पर आवास बनाने के लिए भवन निर्माण में आवास नीति के तहत मिलने वाली विभिन्न छूट के साथ जल और गृहकर आदि में राहत देने की सरकार से संस्तुति की जा सकती है।
आवास बंधु के निदेशक सदस्य संयोजक बनाए
गठित समिति में लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शामिल हैं। इसके अलावा अपर आवास आयुक्त और मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक को सदस्य बनाया गया है, जबकि आवास बंधु के निदेशक सदस्य संयोजक होंगे।
हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सभी जरूरी सुविधाओं के साथ किराये पर आवास उपलब्ध कराने की नीति पहले से लागू है। हालांकि, प्रदेश में अब तक इस तरह की अलग नीति नहीं है।
सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने के लिए किसी नीति के अभाव में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़े स्तर पर किफायती किराये वाले आवास तैयार करने में खास रुचि नहीं दिखाई जा रही है।
वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, इनमें से ज्यादातर लोग बढ़ती उम्र में भवन खरीदने के लिए बड़ी पूंजी का निवेश नहीं करना चाहते हैं। इसी को देखते हुए योगी सरकार विभिन्न शहरों में वरिष्ठ नागरिकों को कम मासिक किराये पर भोजन, मनोरंजन, स्वास्थ्य समेत अन्य सुविधाओं के साथ सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना चाहती है।
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