पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED का एक्शन, रियल एस्टेट केस से जुड़ा मामला

HIGHLIGHTS
- जांच के दायरे में वाटिका लिमिटेड की चार परियोजनाएं हैं।
- इन परियोजनाओं में 661 निवेशकों से 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।
- निवेशकों को अब तक संपत्तियों का कब्जा नहीं दिया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के गुरुग्राम स्थित आवास और फार्महाउस पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित रियल एस्टेट धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड के खिलाफ चल रहे एक मामले से जुड़ी है।
वाटिका लिमिटेड पर आरोप है कि उसने निवेशकों को व्यावसायिक परियोजनाओं में निवेश के लिए आकर्षित किया और समय पर कब्जा देने, सुनिश्चित रिटर्न तथा लीज रेंटल का आश्वासन दिया। इसके अलावा कंपनी ने बिक्री विलेख (Sale Deed) निष्पादित करने का भी वादा किया था। ईडी अधिकारी के अनुसार, जांच के दायरे में चार परियोजनाएं हैं, जिनमें 661 निवेशकों से कुल 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।
हालांकि, अब तक निवेशकों को न तो संपत्तियों का कब्जा दिया गया और न ही बिक्री विलेख निष्पादित किए गए। अधिकारियों को आशंका है कि रियल एस्टेट कंपनी से धन का गबन किया गया और इस रकम को पूर्व मंत्री से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों में स्थानांतरित किया गया।
इसी धन के लेन-देन का पता लगाने के लिए गोपाल कांडा के गुरुग्राम स्थित आवास, फार्महाउस और कार्यालय पर छापेमारी की गई। कार्रवाई का उद्देश्य धन के स्रोत और उसके गंतव्य का पता लगाना है।
निवेशकों को धोखा देने का आरोप
वाटिका लिमिटेड पर निवेशकों को कथित तौर पर धोखा देने का आरोप है। कंपनी ने व्यावसायिक परियोजनाओं में निवेश के लिए कई वादे किए थे, जिनमें समय पर संपत्ति का कब्जा देना शामिल था। निवेशकों को सुनिश्चित रिटर्न और लीज रेंटल का आश्वासन भी दिया गया था। इसके साथ ही बिक्री विलेख निष्पादित करने का वादा किया गया था, जो पूरा नहीं हुआ।
ईडी यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कर रहा है। अधिकारियों को संदेह है कि वाटिका लिमिटेड से धन का गबन कर उसे गोपाल कांडा से जुड़ी कंपनियों में भेजा गया। कांडा के ठिकानों पर हुई छापेमारी इसी धन के लेन-देन की जांच का हिस्सा है।
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