आरआईडीएफ में किया गया 758.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान: सुक्खू

हिमाचल प्रदेश। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास योजनाओं की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों के विधायकों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए आरआईडीएफ (ग्रामीण आधारभूत ढांचा विकास निधि) के तहत 758.81 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्देश दिए कि यदि किसी विधायक की डीपीआर पहले ही नाबार्ड को भेजी जा चुकी है और वही परियोजना किसी अन्य मद से स्वीकृत हो गई है, तो संबंधित विभाग उसे तत्काल योजना विभाग के माध्यम से नाबार्ड से वापस मंगवाए, ताकि रिकॉर्ड का सही मिलान किया जा सके।
सोलन जिले से उठीं सड़क, पानी और शिक्षा से जुड़ी मांगें
सोलन के विधायक संजय अवस्थी ने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी न मिलने से राज्य को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विधायक हरदीप सिंह बावा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में 14 करोड़ रुपये की लागत से जिन पुलों का शिलान्यास किया गया था, उनका कार्य 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। उन्होंने 20 ट्यूबवेल और नंगल में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की भी मांग रखी।
विधायक राम कुमार ने क्षेत्र में एसडीएम और बीडीओ कार्यालय सहित नए सरकारी दफ्तर मिलने पर आभार जताया और बद्दी में आईएसबीटी तथा एसडीएम भवन के निर्माण के लिए बजट की मांग की।
विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि पिछले वर्ष स्वीकृत योजनाओं से क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपये के कार्य शुरू हो चुके हैं और उन्होंने सड़क नेटवर्क व स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने का आग्रह किया।
चंबा में पर्यटन, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
विधायक हंसराज ने सरकारी भवनों के निर्माण में तेजी और तीसा अस्पताल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चुराह क्षेत्र में पर्यटन विकास और चंबा में हेली टैक्सी सेवा शुरू करने का सुझाव दिया।
डॉ. जनक राज ने होली-उतराला सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया, जबकि विधायक नीरज नैय्यर ने मिनी सचिवालय के लिए अतिरिक्त बजट और पेयजल योजनाओं में तेजी की मांग रखी। उन्होंने चंबा-चुवाड़ी सुरंग की डीपीआर के लिए राशि देने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया।
डीएस ठाकुर ने आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और परियोजनाओं की एफसीए क्लीयरेंस शीघ्र कराने की मांग की।
बिलासपुर से सिंचाई, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग
विधायक जीतराम कटवाल ने झंडूता क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल योजनाओं तथा पुलों की एप्रोच सड़कों पर काम तेज करने का आग्रह किया।
त्रिलोक जम्वाल ने सीवरेज कार्य के बाद सड़कों को पक्का करने, गोविंद सागर और कोल डैम में पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने और किसानों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए योजना लाने की मांग की।
रणधीर शर्मा ने पीएमजीएसवाई के तहत स्वीकृत सड़कों की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने, नैना देवी अस्पताल भवन और आईसीयू निर्माण के लिए धन देने का आग्रह किया।
लाहौल-स्पीति में हेली सेवा और सुरंग परियोजना पर जोर
विधायक अनुराधा राणा ने लाहौल-स्पीति को हेली टैक्सी सेवा से जोड़ने और कुंजुम सुरंग के निर्माण की मांग की। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में होटल पंजीकरण नियमों में ढील देने की बात भी रखी, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। साथ ही, क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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