'ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन', अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शन में युवा और सीजेपी समर्थक तिरंगा, बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे।
- प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए।
- सीजेपी ने 2025 की मतदाता सूची को सुरक्षित रखने की मांग की।
मुंबई। गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने इस प्रदर्शन को लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा आंदोलन बताया। साथ ही कहा कि आने वाले समय में देश के अलग-अलग शहरों में भी प्रदर्शन जारी रखे जाएंगे।
शुक्रवार दोपहर बाद शिवाजी पार्क में शुरू हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और सीजेपी समर्थक तिरंगा, बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।
सीजेपी ने 2025 की मतदाता सूची को सुरक्षित रखने के साथ ही भविष्य में मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में नागरिक समाज की भागीदारी की मांग भी रखी है। दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदान व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि उनके इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। दीपके ने यह भी बताया कि मुंबई से शुरू किया गया आंदोलन गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। इसके बाद इसे दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचाने की बात कही गई।
प्रदर्शन को कुछ राजनीतिक दलों और सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन भी मिला। शिवाजी पार्क में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी समेत फिल्म जगत से जुड़े कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे।
हालांकि, प्रदर्शन को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखने को मिला। कुछ स्थानीय निवासियों और कारोबारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के कारण इलाके की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। विरोध कर रहे एक समूह ने सीजेपी के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस तरह शिवाजी पार्क में आंदोलन के साथ विरोध-प्रदर्शन भी हुआ।
मुंबई पुलिस ने पहले सीजेपी को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने इसके पीछे इलाके से संबंधित न्यायिक निर्देशों और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों का हवाला दिया था। इसके बावजूद सीजेपी ने ‘जेल भरो आंदोलन’ करने की घोषणा की।
प्रदर्शन को देखते हुए शिवाजी पार्क और दादर स्टेशन के आसपास पुलिस की भारी तैनाती के साथ बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शन से एक दिन पहले दीपके को मरीन ड्राइव पर प्लेकार्ड लेकर जाने के दौरान पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
शुक्रवार को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन कोई बड़ा हिंसक टकराव या लाठीचार्ज नहीं हुआ। आंदोलन में शामिल सीजेपी समर्थकों ने कहा कि वे गिरफ्तारी से नहीं डरेंगे और अपनी मांगों को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे। पार्टी ने आने वाले दिनों में विभिन्न शहरों में प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाने की घोषणा की है।
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