सफाई कर्मचारियों के EPF में अनियमितता पर सख्त हुए भगवत प्रसाद मकवाना, कार्रवाई के निर्देश

HIGHLIGHTS
- विकास भवन सभागार में शुक्रवार दोपहर 12 बजे बैठक आयोजित हुई।
- कर्मचारियों के वेतन से EPF कटौती के बावजूद अंश जमा न होने की शिकायत सामने आई।
- स्वास्थ्य अधिकारी और सीडीओ ने मुकदमा दर्ज कराने का भरोसा दिया।
मुजफ्फरनगर पहुंचे राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सफाई कर्मचारियों के हितों से संबंधित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने EPF में कथित अनियमितता के मामले में सख्त रुख अपनाया।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे विकास भवन सभागार में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि नगर पालिकाओं में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों के वेतन से EPF की राशि काटी जा रही है, लेकिन ठेकेदार की ओर से अपना अंश जमा नहीं कराया जा रहा।
मकवाना के अनुसार, इस मामले में स्वास्थ्य अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराने का भरोसा दिया है। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भगवत प्रसाद मकवाना ने सफाई कर्मचारियों से जुड़े मामलों के साथ 2013 के कानून के अनुपालन की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इसके पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 2013 के संबंधित कानून को आयोग के कार्यक्षेत्र से जुड़े प्रमुख अधिनियमों में शामिल किया गया है।
EPF की शिकायतों की जांच और कार्रवाई
मीडिया से बातचीत में मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के हितों की निगरानी के लिए समीक्षा प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निकायों में EPF से संबंधित शिकायतों में यह बात सामने आई है कि कर्मचारियों के वेतन से राशि काटने के बावजूद ठेकेदार के हिस्से का अंश जमा नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा पर जोर
सफाई कर्मचारियों के मानदेय और सुविधाओं को लेकर मकवाना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों के लिए व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। उनके मुताबिक नौकरी की सुरक्षा, बीमा, साप्ताहिक अवकाश और छुट्टियों जैसी सुविधाओं को लेकर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले ठेकेदार के जरिए नियुक्ति होने के कारण कर्मचारियों के बीच नौकरी जाने का डर रहता था, लेकिन अब जॉब सिक्योरिटी पर जोर दिया जा रहा है।
नियमितीकरण के लिए नियमावली का इंतजार
मकवाना ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर कुछ दिन पहले लखनऊ में सचिव स्तर पर बैठक हुई है। उनके अनुसार, नियमावली तैयार होने के बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस मामले को लेकर फिर समीक्षा बैठक होगी। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
मकवाना ने सफाई कर्मचारियों के परिवारों के लिए शिक्षा और विवाह से संबंधित सहायता योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के बच्चों और परिवारों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए।
हाल ही में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष बने हैं मकवाना
भगवत प्रसाद मकवाना हाल ही में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष बने हैं। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उन्हें अध्यक्ष के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। इससे पहले वह उत्तराखंड सरकार के सफाई कर्मचारी आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
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