मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट में भीम आर्मी का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
- गोंडा, अयोध्या और बाराबंकी की घटनाओं की जांच की मांग उठी।
- घटनाओं के CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग।
मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार दोपहर भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को चार सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या की घटनाओं के अलावा बाराबंकी में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले से जुड़ी कथित घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। 13 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी के शहाबपुर टोल पर पुलिस ने रोका था। इसके बाद पुलिस और उनके समर्थकों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की खबर सामने आई थी।
CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
भीम आर्मी ने संबंधित घटनाओं के CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की। इसके साथ ही घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराने की भी मांग की गई। संगठन ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पंचायत सहायकों और शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाया
ज्ञापन में लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण से जुड़े मामले में पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का पालन कराने और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की गई। प्रदर्शन से संबंधित अन्य रिपोर्टों में भी पंचायत सहायकों के मानदेय और शिक्षक भर्ती में आरक्षण का मुद्दा दर्ज है।
धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों की समीक्षा की मांग
भीम आर्मी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद समेत अन्य इस्लामिक धर्मस्थलों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में तय कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
विनय रतन ने सरकार पर लगाए राजनीतिक आरोप
विनय रतन ने सरकार पर धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर समेत देशभर में कानून और न्यायालय पर भरोसा रखने वाले लोगों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।
ये आरोप विनय रतन के बयान हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इस कार्यक्रम के संदर्भ में इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
विनय रतन ने 24 सितंबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 24 सितंबर को सुबह 10 बजे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कार्यक्रम प्रस्तावित है।
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