बीकानेर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष से मारपीट पर कार्रवाई, आरोपी पिता-पुत्र 6 साल के लिए पार्टी से निष्का

HIGHLIGHTS
- कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल से मारपीट का मामला।
- मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को छह साल के लिए पार्टी से निकाला गया।
- वार्ड नंबर 50 में चुनावी कार्यालय के उद्घाटन के दौरान हुई थी घटना।
कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ सार्वजनिक तौर पर हुई मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। नगर निगम बीकानेर के वार्ड नंबर 50 में प्रत्याशी के चुनावी कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को सामने ला दिया है। वहीं, पीड़ित जिलाध्यक्ष की शिकायत में शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष शशिकला राठौड़ पर साजिश में शामिल होने का अंदेशा जताए जाने के बाद राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
उद्घाटन कार्यक्रम में हुई हिंसक झड़प
वार्ड नंबर 50 में चुनावी कार्यालय के उद्घाटन समारोह में जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नेताओं के बीच हुई बहस अचानक विवाद में बदल गई। देखते ही देखते कार्यकर्ताओं और नेताओं के एक गुट ने जिलाध्यक्ष के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इसके बाद वहां मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
मुख्य आरोपियों पर पार्टी ने की कार्रवाई
जिलाध्यक्ष स्तर के पदाधिकारी के साथ हुई मारपीट और अनुशासनहीनता को प्रदेश नेतृत्व ने गंभीरता से लिया। प्राथमिक जांच के आधार पर संगठन ने कार्रवाई करते हुए मारपीट में शामिल आरोपी पिता-पुत्र को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। पार्टी नेतृत्व ने साफ किया है कि संगठन में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष भी जांच के दायरे में
मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब पीड़ित जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने अपनी लिखित शिकायत में महिला कांग्रेस की बीकानेर शहर जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ की संलिप्तता की आशंका जताई। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश कांग्रेस ने महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
सारिका सिंह को पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को सौंपनी है। जांच में यदि महिला नेत्री की भूमिका सामने आती है तो उन पर भी निलंबन की कार्रवाई होने की संभावना है।
संगठन के अंदर वर्चस्व की लड़ाई
शशिकला राठौड़ की पहचान बीकानेर कांग्रेस की मुखर नेत्री के तौर पर है। इससे पहले वह देहात महिला कांग्रेस अध्यक्ष रह चुकी हैं और जुलाई 2025 में उन्हें शहर महिला कांग्रेस की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने सितंबर 2025 में आयोजित सम्मेलन के दौरान पदभार ग्रहण किया था।
स्थानीय राजनीति में उन्हें पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल गुट का करीबी माना जाता है। फिलहाल सामने आए आरोपों पर उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, पूरा संगठन दो दिन में आने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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