बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा ऐलान, बोले- 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा

HIGHLIGHTS
- बृजभूषण ने कहा कि पार्टी उनकी आगे की भूमिका तय करेगी।
- महिला पहलवान मामले में हाईकोर्ट जाने को उन्होंने संबंधित पक्ष का अधिकार बताया।
- 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार मुकाबला होगा।
गोंडा। महिला पहलवानों के उत्पीड़न के आरोपों से बरी हो चुके पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन राजनीति से दूरी बनाने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी छोटे मेकर हैं और आगे बड़े मेकर भी बन सकते हैं। उनके मुताबिक, भगवान ने उन्हें खुद मेकर बनाया है।
कैसरगंज से भाजपा सांसद रह चुके बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि उनके बेटे अपनी सीट खाली करें और वह चुनाव मैदान में उतरें। पार्टी उनकी भूमिका तय करेगी और संभव है कि इस पर एक-दो महीने में विचार किया जाए। राम मंदिर दर्शन के लिए नहीं जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां इज्जत नहीं है, वहां बृजभूषण सिंह नहीं जाएंगे।
किसी से मदद लेने से किया इनकार
एक चैनल को दिए इंटरव्यू में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने भाजपा के किसी नेता से मदद नहीं मांगी और न ही विपक्ष के किसी नेता को फोन किया। उन्होंने गले से हनुमान जी का लॉकेट निकालकर शपथ लेते हुए कहा कि उन्होंने किसी से सहायता नहीं मांगी।
हाईकोर्ट जाने का पहलवानों को अधिकार
पूर्व सांसद ने कहा कि मामले में बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाना महिला पहलवानों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पहलवान हाईकोर्ट जा सकते हैं, लेकिन जिस तरह यहां उनकी भद पिटी है, उससे ज्यादा भद हाईकोर्ट में पिटेगी।
मानहानि का मुकदमा करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। पहलवान हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं और जहां से वे असंतुष्ट होंगे, वहां का रास्ता बंद होने के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई करने का रास्ता खुलेगा।
2027 के चुनाव को लेकर क्या बोले बृजभूषण?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस बार चुनावी मुकाबला होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि चुनावी परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं और किसी के लिए भी चुनाव आसान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव में 'चंदा चोरी' का मुद्दा नहीं रहेगा। उनके मुताबिक, एक ओर मौजूदा सरकार अपने काम गिनाएगी, जबकि दूसरी तरफ विपक्ष सरकार की कमियां बताएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अखिलेश यादव अच्छा चुनाव लड़ेंगे और उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ सरकार के करीब दस साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने सत्ता विरोधी लहर की संभावना पर कहा कि यह हमेशा रहती है। बृजभूषण ने शिक्षा व्यवस्था और सेमेस्टर प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर प्रणाली से शिक्षा को काफी नुकसान पहुंचा है और इसका असर खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक पड़ा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में लागू सेमेस्टर प्रणाली के कारण ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति प्रभावित हुई है और पढ़ाई की जगह केवल परीक्षाओं पर अधिक जोर रह गया है।
'काकरोच जनता पार्टी' पर भी टिप्पणी
'काकरोच जनता पार्टी' को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उसका कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जेन-जी के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के लिए झुकी है।
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