तमिलनाडु के नीलगिरि में भूस्खलन से बस हादसा, ड्राइवर की मौत और कंडक्टर गंभीर

HIGHLIGHTS
- TNSTC की बस कुन्नूर से मेट्टुपलायम जा रही थी।
- बस में सवार तीन यात्री हादसे से कुछ समय पहले कुरमपाडी में उतर गए थे।
- बचाव दल ने मलबे में फंसे चालक और कंडक्टर को बाहर निकाला।
उधगमंडलम। तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में बुरलियार के पास शनिवार को भूस्खलन और उखड़े पेड़ एक टीएनएसटीसी बस पर गिर गए। इस हादसे में बस चालक की मौत हो गई, जबकि कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस के मुताबिक, घटना तड़के उस समय हुई, जब भारी बारिश के बीच बस कुन्नूर से मेट्टुपलायम जा रही थी। तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC) की इस बस को ऊटी के पास कूरट्टी गांव के निवासी जनगराज चला रहे थे और केशवन कंडक्टर के रूप में तैनात थे।
हादसे के समय बस में चालक और कंडक्टर ही थे मौजूद
बस में तीन यात्री सवार थे, जो बुरलियार पहुंचने से कुछ समय पहले कुरमपाडी में उतर गए थे। पुलिस ने बताया कि भूस्खलन के समय बस में केवल चालक और कंडक्टर मौजूद थे। कीचड़ और उखड़े पेड़ बस पर गिरने से वाहन मलबे में पूरी तरह दब गया।
कुन्नूर और मेट्टुपलायम के दमकल एवं बचाव दल स्थानीय पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और बस में फंसे चालक दल के सदस्यों को बाहर निकाला। एक फायर ऑफिसर ने बताया, "जब हम मरापालम इलाके में पहुंचे तो ड्राइवर अपनी सीट पर भारी मलबे के नीचे पूरी तरह फंसा हुआ था। हमने पूरी बस की तलाशी ली, लेकिन शुरुआत में कोई और यात्री नहीं मिला। यह एक बड़ी राहत की बात थी।"
दोनों को मलबे से निकालकर तुरंत मेट्टुपलायम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। बाद में चोटों के कारण जनगराज की मौत हो गई, जबकि केशवन का गंभीर चोटों के चलते गहन उपचार किया जा रहा है।
कई इलाकों में भूस्खलन से सड़क संपर्क बाधित
लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ है। इससे पहाड़ी जिले में सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। मिट्टी और मलबा खिसकने के कारण ऊटी-मेट्टुपलायम और ऊटी-कुन्नूर राजमार्ग बंद हो गए, जिससे पहाड़ी जिले की ओर जाने वाला यातायात रुक गया। मेट्टुपलायम से करमदाई तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और बस यात्रियों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा।
उधगमंडलम के थीतुकल इलाके में एक होटल की रिटेनिंग वॉल यानी सहारा देने वाली दीवार ढह गई। इसकी चपेट में आने से दो कारें और छह दोपहिया वाहन नष्ट हो गए। कीचड़ में फंसे एक नाइट वॉचमैन को अग्निशमन एवं बचाव कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। वन विभाग ने एहतियात के तौर पर कैथरीन फॉल्स और कोडनाड व्यूप्वाइंट जाने वाले रास्ते को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बर्लियार में 25 सेंटीमीटर और एडापल्ली में 20 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए राजमार्ग विभाग, अग्निशमन एवं बचाव सेवा विभाग और राजस्व विभाग ने जेसीबी समेत 20 से अधिक भारी मशीनें तैनात की हैं।
भारी बारिश को देखते हुए नीलगिरि की जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य तनेरू ने शनिवार को उदगमंडलम, कुन्नूर, कोटागिरी, कुंडा, गुडालुर और पांडालुर तालुकों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी।
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