मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटने का मामला, फैयाज प्रेमजी के खिलाफ 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

HIGHLIGHTS
- आरोपी फैयाज प्रेमजी पुणे का रहने वाला 39 वर्षीय व्यक्ति है।
- पुलिस के आरोप पत्र में 30 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज हैं।
- आरोपी ने 50 किलोग्राम से ज्यादा जिंक फॉस्फाइड खरीदा था।
मुंबई। मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस के दौरान करीब 15,000 लोगों को जहर देने की कथित साजिश के मामले में पुणे निवासी 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी के खिलाफ मझगांव कोर्ट में 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने ही समुदाय के कुछ लोगों से नाराज था। इसी रंजिश के चलते उसने इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी। फिलहाल फैयाज प्रेमजी आर्थर रोड जेल में बंद है। पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र में 30 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।
लॉज में तैयार किए 15 हजार से ज्यादा जहरीले कैप्सूल
जांच के दौरान सामने आया कि बीबीए डिग्रीधारी फैयाज प्रेमजी पुणे में पेंट निर्माण का कारोबार करता था। उसने 50 किलोग्राम से अधिक जिंक फॉस्फाइड खरीदा था, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों को मारने वाले जहर के तौर पर किया जाता है।
पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले वह डोंगरी स्थित एक लॉज में करीब दो सप्ताह तक ठहरा था। इसी दौरान उसने 30 हजार खाली कैप्सूल मंगवाए और अपने कमरे में ही 15 हजार से ज्यादा जहरीले कैप्सूल तैयार किए। छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनमें से 14,900 कैप्सूल बरामद किए थे।
पेनकिलर और इम्युनिटी बूस्टर बताकर बांटे कैप्सूल
आरोपी ने 26 जून को मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों को इन कैप्सूलों को पेनकिलर और इम्युनिटी बूस्टर बताकर बांटना शुरू किया। पूछताछ में उसने दावा किया कि मुहर्रम के दौरान मातम में होने वाले दर्द से राहत देने के लिए वह ये गोलियां दे रहा था।
जुलूस में शामिल 26 वर्षीय सलमान सईद ने एक कैप्सूल खा लिया। इसके तुरंत बाद उसे उल्टी और बेचैनी होने लगी। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की सतर्कता से ज्यादा कैप्सूल बांटने से पहले पकड़ा
जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों ने फैयाज को संदिग्ध तरीके से कैप्सूल बांटते हुए देख लिया। पुलिस ने उसे ज्यादा गोलियां बांटने से पहले ही मौके पर हिरासत में ले लिया।
पुलिस का अनुमान है कि कम से कम 10 लोगों ने ये गोलियां खाई थीं। हालांकि, जहर के लक्षण सामने आने के बाद सिर्फ दो लोग ही औपचारिक शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे। आशंका है कि कुछ अन्य लोगों ने भी कैप्सूल खाए होंगे और समय रहते निजी स्तर पर इलाज कराया होगा।
व्यक्तिगत रंजिश को बताया कदम उठाने की वजह
बरामद कैप्सूलों को रासायनिक जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में इनमें जिंक फॉस्फाइड की पुष्टि हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरी फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
जांच अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी काफी परेशान नजर आया। उसने आरोप लगाया कि उसके अपने खोजा शिया समुदाय के कुछ लोगों ने उसका जीवन मुश्किल बना दिया था। पुलिस के अनुसार, इसी गुस्से में उसने यह कदम उठाया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.