पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण, छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने दी मंजूरी

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई।
- बैठक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को मंजूरी मिली।
- 22 जुलाई को पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया था।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी से जुड़े नियम अब तय कर दिए गए हैं। राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में पुलिस, वन और जेल विभाग में तृतीय श्रेणी के पदों की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के नियमों को मंजूरी दे दी है।
इससे पहले 22 जुलाई को मंत्रिमंडल ने तृतीय श्रेणी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था। अब इस फैसले को लागू करने के लिए भर्ती प्रक्रिया के नियम निर्धारित कर दिए गए हैं। इनमें भर्ती के मापदंड, आरक्षण, चयन प्रक्रिया, नियुक्ति और सेवा शर्तों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
पुलिस, वन और जेल भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को मंजूरी दी गई।
बैठक में शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति के लिए संशोधित नीति-2026 को भी स्वीकृति दी गई। अब मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा राजकीय विश्वविद्यालय में पढ़ाने के अनुभव को भी मेरिट में शामिल किया जाएगा।
अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति नीति में बदलाव
संशोधित व्यवस्था के तहत अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों में राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र के दौरान कम से कम पांच महीने पढ़ाने पर पांच अंक दिए जाएंगे। इससे पहले विश्वविद्यालय में अध्यापन के अनुभव को लेकर यह लाभ स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं था।
शासकीय महाविद्यालयों और राजकीय विश्वविद्यालयों में कार्य कर चुके तथा बाद में हटाए गए अतिथि व्याख्याताओं को खाली पदों पर फिर से काम करने का अवसर भी दिया जाएगा।
मानदेय भुगतान की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब कालखंड के आधार पर भुगतान करने के बजाय जितने दिन काम किया गया है, उसी के आधार पर वेतन दिया जाएगा। अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शिक्षकों के कार्य, कार्य अवधि और आकस्मिक अवकाश से जुड़े नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।
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