सीएम योगी ने की स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक, जीरो पॉवर्टी अभियान पर दिया जोर

HIGHLIGHTS
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में जीरो पॉवर्टी अभियान को प्राथमिकता देते हुए पात्र परिवारों को सभी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
- बैठक में एक्सप्रेसवे, नाइट सफारी, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल पार्क समेत कई बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
- मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा मानकों और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण और सेवा वितरण से जुड़ी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की विशेष टीम बनाकर पात्र परिवारों के अंत्योदय कार्ड बनवाए जाएं और उन्हें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना समेत सभी पात्र सरकारी योजनाओं से चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत अब तक 12.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें करीब 9 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र पाए गए हैं, जबकि लगभग 5 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है।
इसके अलावा 6.67 लाख परिवारों के पास अभी आयुष्मान कार्ड नहीं हैं। इनमें करीब 5 लाख लोगों का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण हो चुका है, जबकि बाकी पात्र परिवारों का पंजीकरण कराया जा रहा है। वहीं, 10.60 लाख परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
बैठक में प्रदेश की प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की जानकारी दी गई। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 88.45 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 72.71 प्रतिशत, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 63 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 59.35 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल और नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित सभी प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को 31 जुलाई तक भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में भूमिस्वामियों से सीधे संवाद स्थापित किया जाए।
लखनऊ नाइट सफारी और लॉजिस्टिक हब की समीक्षा
लखनऊ नाइट सफारी परियोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से इसके क्रियान्वयन की अनुमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर परियोजना को तय समय में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा में बताया गया कि 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि प्राप्त हो चुकी है। लॉजिस्टिक पार्क के लिए पांच कंपनियों ने पंजीकरण कराया है और आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए तैयार किए जा रहे मॉडल बिल्डिंग बायलॉज की समीक्षा करते हुए कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधनों को जल्द अंतिम रूप दिया जाए।
टेक्सटाइल पार्क समेत अन्य परियोजनाओं पर चर्चा
लखनऊ में विकसित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि परियोजना की आधारभूत संरचना तेजी से विकसित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी बनाए रखने और इसे प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उन्नाव की एक्वा ब्रिज परियोजना और कानपुर के बिनगवां स्थित 40 एमएलडी तृतीयक उपचार संयंत्र से पनकी ताप विद्युत संयंत्र को जलापूर्ति उपलब्ध कराने वाली परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने लंबित तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर दोनों परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
अग्नि सुरक्षा और बिजली व्यवस्था को लेकर निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के विकास के साथ जनसुरक्षा से जुड़े मानकों का भी सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला अस्पतालों और होटलों में फायर एनओसी की समीक्षा करने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई कर अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन और मैनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से इन समस्याओं का जल्द समाधान करने को कहा।
प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विद्युत फीडरों का विस्तृत विश्लेषण कर बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली, हानि-लाभ और ओवरलोड की स्थिति के आधार पर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी दक्षता, वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता सुविधाओं को समान महत्व देने पर जोर दिया।
बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए जरूरी प्रशासनिक फैसलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.