मुंबई में गहराया सीएनजी संकट, पंपों पर 400 नंबर बाद मिल रही गैस

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों गंभीर CNG संकट का सामना कर रही है। पिछले दो दिनों से गैस सप्लाई बाधित रहने के कारण ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों की रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है, वहीं आम यात्रियों की दैनिक आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित CNG पंपों पर वाहनों की अंतहीन कतारें दिखाई दे रही हैं, और कई जगह ऑटो चालकों को गैस भरवाने के लिए 400 से अधिक नंबरों की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
रातभर लाइन में इंतजार, फूटा ग़ुस्सा
गोरेगांव और वडाला जैसे इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। एक ऑटो चालक जितेंद्र ने बताया कि वे सड़क पर सवारी ढो रहे हैं, जबकि उनका भाई पंप पर लाइन में नंबर लगाए बैठा है—जिसका क्रमांक 414 है। उनका कहना है कि गैस कब मिलेगी, इसका कोई भरोसा नहीं है।
वहीं, ऑटो चालक हरीओम यादव का कहना है कि CNG खत्म होने के डर से वे लंबी दूरी की सवारी लेने से कतरा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्यत: 82 रुपये प्रति किलो मिलने वाली सीएनजी इस संकट में 280 रुपये तक बेची जा रही है, जबकि यात्री अतिरिक्त किराया देने को तैयार नहीं हैं।
GAIL की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, MMR में सप्लाई चरमराई
यह संकट बीते रविवार तब शुरू हुआ जब वाडाला स्थित सिटी गेट स्टेशन तक गैस भेजने वाली GAIL की प्रमुख पाइपलाइन में क्षति आ गई। पाइपलाइन डैमेज होने से पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में दबाव कम हो गया और बड़े पैमाने पर CNG पंपों को बंद करना पड़ा। इसके चलते स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है।
लोगों की दिनचर्या पर व्यापक असर
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यातायात अव्यवस्थित: ऑटो-टैक्सी की संख्या घटने से यात्रियों को ऑफिस पहुंचने में घंटों लग रहे हैं।
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मनमाना किराया: कुछ वाहन चालक कमी का फायदा उठाकर दो से तीन गुना किराया वसूल रहे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
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स्कूल बसें प्रभावित: कई स्कूल बसें CNG पर निर्भर हैं, जिसके कारण छात्रों को समय पर स्कूल पहुँचना कठिन हो गया है।
BEST बस सेवा भी प्रभावित
CNG की भारी कमी ने शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली BEST बसों के संचालन पर भी असर डाला है। सप्लाई बाधित होने से कई रूटों पर बसों की संख्या कम कर दी गई है, जिससे रोज़ाना बसों पर निर्भर लाखों यात्रियों की यात्रा मुश्किल हो गई है। भीड़भाड़ में बढ़ोतरी और रूटों पर देरी से शहर की गतिशीलता और प्रभावित हुई है।
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