सैफई महोत्सव और बर्मिंघम की बग्गी में उलझीं सरकारें, कारीगरों पर नहीं दिया ध्यान: योगी का सपा पर निशाना

HIGHLIGHTS
- इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदर्शनी और मार्जिन मनी ऋण पोर्टल शुरू हुआ।
- 2018 में ODOP और 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू हुई।
- छह लाख से अधिक कारीगरों को टूलकिट और 10 दिन का प्रशिक्षण दिया गया।
विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदर्शनी और मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सरकारों को सैफई में महोत्सव कराने, मुंबई से डांस कराने और बर्मिंघम की बग्गी लाकर अपना जन्मदिन मनाने से ही फुर्सत न हो, तो कारीगरों के बारे में सोचने का समय कहां से आता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के बारे में सोचने की भी फुर्सत नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पारंपरिक कारीगरों के हुनर को सम्मान देने के साथ उसे बाजार की जरूरतों से जोड़ने का काम किया। वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना लागू की गई, जबकि वर्ष 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की शुरुआत हुई।
अब सरकार ने पांच नए पारंपरिक ट्रेड भी जोड़े
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस का यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पिछले सात-आठ वर्षों के दौरान छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को 15 हजार रुपये तक की टूलकिट देने के साथ 10 दिन का प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव का त्रिशूल, इंद्र का वज्र और श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र भी भगवान विश्वकर्मा की शिल्पकला से जुड़े उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विकसित भारत में कारीगर उद्यमी और हस्तशिल्पी आत्मनिर्भर हुआ करता था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने गरीबी और पैसे का हवाला देकर कारीगरों को सुविधाओं से वंचित रखा। उनके पास हुनर और कारीगरी थी, लेकिन बाजार उनसे दूर कर दिया गया। उन्हें बैंकिंग व्यवस्था से भी दूर रखा गया और डिजाइन व तकनीक की बदलती जरूरतों के मुताबिक आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि इसका नतीजा यह हुआ कि जो कारीगर कभी उद्यमी हुआ करता था, उसे श्रमिक बनने के लिए मजबूर होना पड़ा। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रदेश के कारीगरों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्पी और कारीगर भ्रष्टाचार और अराजकता के कारण प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर थे।
कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण दिया जा रहा है। वहीं, कारीगरों के लिए इसकी सीमा 10 लाख रुपये तक कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि 25 सितंबर से 29 सितंबर तक हर जनपद में टूलकिट वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू नहीं था, बल्कि इसे संचालित करने वाले राजनेताओं की मानसिकता बीमारू थी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में उत्तर प्रदेश ट्रेड शो आयोजित होगा। इसमें ढाई हजार से अधिक एग्जिबिटर्स हिस्सा लेंगे और साढ़े छह सौ से अधिक फॉरेन बायर्स भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि ट्रेड शो में 12 हजार करोड़ से 15 हजार करोड़ रुपये तक का टर्नओवर हो सकता है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के आयुक्त दीपक कुमार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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