केन-बेतवा परियोजना विरोध प्रदर्शन: अमित भटनागर बोले- अनशन नहीं होगा खत्म

HIGHLIGHTS
- छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहे आंदोलन में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी।
- आंदोलनकारी अमित भटनागर ने आमरण अनशन जारी रखने की बात कही और जबरन कार्रवाई का विरोध किया।
- प्रशासन ने स्वास्थ्य बिगड़ने और खराब मौसम का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को अस्पताल पहुंचाने और पन्ना भेजने की जानकारी दी।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच रविवार को प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिली। आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की बिगड़ती तबीयत और खराब मौसम को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने कहा कि वह न तो ड्रिप लगवाएंगे और न ही कुछ खाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। अगर उन्हें जबरदस्ती कुछ खिलाने या ड्रिप चढ़ाने का प्रयास किया गया तो वह पानी पीना और सांस लेना भी छोड़ देंगे।
आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने विस्थापितों की स्थिति की चिंता किए बिना प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी महिलाएं अपने बच्चों के साथ नदी पार कर रही थीं और इसी दौरान प्रदर्शन भी कर रही थीं। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन पकड़कर हिरासत में लिया और गिरफ्तार कर लिया।
दिव्या अहिरवार ने बताया कि परिवार और बुजुर्ग माता-पिता की समझाइश के बाद भी अमित भटनागर अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र, संविधान और अपने अधिकारों की मांग करना अपराध है तो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाला हर युवा यह आवाज उठाता रहेगा।
प्रशासन ने जारी किया बयान
वहीं, बिजावर एसडीएम विजय द्विवेदी ने बयान जारी कर बताया कि ग्राम कुपी स्थित बराना नदी के पास प्रदर्शन कर रहे अमित भटनागर और उनके कुछ साथियों की तबीयत खराब होने लगी थी। उन्हें समझाने के बाद पुलिस की मदद से बिजावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।
एसडीएम ने बताया कि लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रदर्शन में शामिल पन्ना जिले के अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें बसों के जरिए सुरक्षित पन्ना भेज दिया गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.