कोटा में रिफाइंड तेल को वुड प्रेस्ड बताकर बेचने की तैयारी, 600 किलो तेल सीज

HIGHLIGHTS
- केशव एग्रो इंडस्ट्रीज में खाद्य सुरक्षा टीम ने निरीक्षण किया।
- 40 टिन रिफाइंड राइस ब्रान तेल मौके पर मिले।
- 236 पैक्ड बोतलों को भी सीज किया गया।
कोटा। चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने कोटा के रंगबाड़ी क्षेत्र में एक तेल पैकिंग इकाई का औचक निरीक्षण कर कच्ची घानी और वुड प्रेस्ड तेल के नाम पर रिफाइंड तेल बेचने के मामले का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान टीम ने 600 किलोग्राम रिफाइंड राइस ब्रान तेल और 240 लीटर क्षमता की वुड प्रेस्ड तेल की बोतलें सीज कीं। इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचने की तैयारी थी।
रिफाइंड तेल को महंगी पैकिंग में बेचने की तैयारी
सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा टीम ने कृष्णा नगर स्थित केशव एग्रो इंडस्ट्रीज पर कार्रवाई की। निरीक्षण के समय 170 रुपये प्रति किलोग्राम वाले सर्वोत्तम ब्रांड के 15-15 किलोग्राम के 40 टिन रिफाइंड राइस ब्रान तेल मिले।
इसी तेल को 350 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर श्री अनन्तम ब्रांड के नाम से एक-एक लीटर की बोतलों में पैक कर वुड प्रेस्ड तेल के तौर पर ऑनलाइन बेचने की तैयारी की जा रही थी। मौके पर वुड प्रेस्ड सरसों, अलसी और तिल्ली का तेल भी मिला।
विक्रेता बूंदी से तेल खरीदे जाने का कोई वैध बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके अलावा परिसर में कोई कोल्हू या घाणी भी संचालित नहीं मिली। टीम ने 40 टिन और 236 पैक्ड बोतलें सीज कर दीं। सभी तेलों के नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, कोटा भेजे गए हैं।
दही, आटा और आयोडाइज्ड नमक के भी लिए गए नमूने
इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने इंदिरा विहार स्थित मेक्स फूड संस्थान का भी औचक निरीक्षण किया। यहां से दही, आटा और आयोडाइज्ड नमक के तीन नमूने लिए गए।
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र और पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं मिले। इस पर संस्थान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया गया है।
निर्धारित कमियों को तय समय में दूर नहीं करने पर संस्थान का लाइसेंस निलंबित करने की चेतावनी भी दी गई है।
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