मुजफ्फरनगर: फर्जी नर्सिंग डिग्री रैकेट का भंडाफोड़, 10 आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए नर्सिंग से जुड़े नकली डिप्लोमा, मार्कशीट और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर बेचने वाले गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लंबे समय से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध करा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन मुजफ्फरनगर से लेकर मेरठ तक फैला हुआ था, जहां संगठित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार और वितरित किए जा रहे थे।
कंप्यूटर सेंटर से चलता था फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार गिरोह का एक सदस्य कंप्यूटर सेंटर से फर्जी डिप्लोमा और मार्कशीट तैयार करता था। अन्य सदस्य अभ्यर्थियों का डाटा, फोटो और क्यूआर कोड उपलब्ध कराते थे, जिसके आधार पर दस्तावेज तैयार किए जाते थे।
शुरुआत में ये फर्जी प्रमाणपत्र करीब 4 हजार रुपये में बनाए जाते थे, जिन्हें आगे 20 से 25 हजार रुपये तक में बेचकर भारी मुनाफा कमाया जाता था।
ककरौली पुलिस की कार्रवाई से खुला राज
थाना ककरौली पुलिस को संभलहेड़ा जाने वाली नहर पटरी के पास कुछ संदिग्ध लोगों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने मेरठ के न्यूटिमा अस्पताल और HIMS अस्पताल में भी छापेमारी की, जहां से 5 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं। इनमें 17 फाइलों में रखे नकली डिप्लोमा और मार्कशीट, 10 मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, दो सीपीयू, दो मॉनिटर, प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, फोटो पेपर और कई पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का लालच देकर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता था। आशंका है कि इन प्रमाणपत्रों के आधार पर कई लोग नौकरी भी हासिल कर चुके हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और कितने लोग इसका शिकार बने हैं। मामले के खुलासे पर एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
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