मुजफ्फरनगर: ठिठुरन के बीच राहत की धूप, लोगों ने ली राहत की सांस

मुजफ्फरनगर। कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच शनिवार को मौसम ने कुछ राहत दी। सुबह घने कोहरे की चादर छाई रही, लेकिन जैसे ही कोहरा छंटा और सूरज निकला, शहरवासियों को तेज धूप ने सर्दी से काफी हद तक निजात दिलाई। लंबे समय बाद मिली इस धूप ने ठिठुरते लोगों के लिए राहत का अहसास कराया।
बीते एक सप्ताह से जनपद घने कोहरे और सर्द हवाओं की गिरफ्त में था। तापमान में लगातार गिरावट के चलते सामान्य जीवन प्रभावित हो गया था। शनिवार की सुबह सूरज की किरणें निकलते ही वातावरण में बदलाव साफ नजर आया और लोगों के चेहरों पर रौनक लौट आई।
धूप निकलते ही बाजारों, पार्कों और घरों की छतों पर लोग गर्माहट का आनंद लेते दिखाई दिए। सबसे ज्यादा राहत बच्चों और बुजुर्गों को मिली, जो कई दिनों से ठंड के कारण घरों में सीमित थे। बुजुर्ग पार्कों और बरामदों में बैठकर धूप सेंकते और आपस में बातचीत करते नजर आए। उनका कहना था कि काफी समय बाद शरीर को सच्ची गर्माहट महसूस हुई है। वहीं बच्चे भी खुले में खेलते दिखे। घरेलू काम निपटाने के बाद महिलाएं भी धूप में बैठकर ठंड से राहत लेती नजर आईं।
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में सुधार के साथ ही शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों—शिव चौक, भगत सिंह रोड और नई मंडी—में चहल-पहल बढ़ गई। व्यापारियों के अनुसार, धूप निकलने से ग्राहक घरों से बाहर आए, जिससे कारोबार में भी हल्की तेजी देखने को मिली।
हालांकि मौसम विभाग ने चेताया है कि सुबह और शाम की ठंड अभी बरकरार रहेगी, इसलिए सावधानी जरूरी है। शीतलहर के चलते सबसे अधिक परेशानी दैनिक मजदूरी करने वालों को उठानी पड़ रही है। काम की तलाश में निकलने वाले मजदूरों का कहना है कि तेज ठंड के कारण हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं और औजार पकड़ना भी मुश्किल हो जाता है। काम कम मिलने से रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।
ठंड का असर घरों के भीतर भी साफ नजर आ रहा है। गृहणियों को सुबह ठंडे पानी में बर्तन और कपड़े धोने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, ठंडे पानी के अधिक संपर्क में रहने से सर्दी-जुकाम, जोड़ों में दर्द और हाथ-पैरों की उंगलियों में सूजन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
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