गोंडा में 1.13 करोड़ की नशीली दवाएं बरामद, तीन ठिकानों पर छापेमारी

HIGHLIGHTS
- गोंडा में औषधि विभाग ने तीन ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 1.13 करोड़ रुपये की नारकोटिक्स और एलोपैथिक दवाएं बरामद कीं।
- कार्रवाई के दौरान 107 बोरियों में भरी दवाएं सीज की गईं और 19 दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए।
- मामले में शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अमन कसौधन समेत दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
गोंडा के बड़गांव क्षेत्र में नशीली और नारकोटिक्स दवाओं के अवैध कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। औषधि विभाग की टीम ने 16 से 18 जुलाई के बीच तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 107 बोरियों में रखी नारकोटिक्स और एलोपैथिक दवाएं बरामद की हैं। जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 1.13 करोड़ रुपये बताई गई है। टीम ने जांच के लिए 19 दवाओं के नमूने भी लिए हैं। मामले में पुलिस ने शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके भाई अमन कसौधन की भूमिका भी सामने आई है। दोनों के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के निर्देश पर बाराबंकी की औषधि निरीक्षक रजिया बानो के नेतृत्व में कई जिलों के औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने इस मामले की जांच शुरू की।
पते पर नहीं मिली फर्म
जांच के दौरान टीम सबसे पहले बलरामपुर रोड स्थित जयनगरा बड़गांव में अमन फार्मास्यूटिकल्स के पते पर पहुंची, लेकिन वहां इस नाम की कोई फर्म संचालित नहीं मिली। पूछताछ के बाद टीम अमन कसौधन के भाई शिवम कसौधन के बताए गए पते पर बरियारपुरवा, सोनार गली स्थित गोदाम पहुंची।
गोदाम में बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं रखी मिलीं। शिवम कसौधन वैध औषधि विक्रय लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। टीम ने दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया।
पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि आसपास के दो अन्य स्थानों पर भी दवाओं का भंडारण किया गया है। दोनों जगहों की जांच में भी भारी मात्रा में नारकोटिक्स और एलोपैथिक दवाएं बरामद हुईं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
औषधि निरीक्षक सुमित कुमार वर्मा ने कोतवाली नगर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बरामद दवाओं की खरीद-बिक्री नियमों के विपरीत की जा रही थी। आरोप है कि कोडीनयुक्त और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली अन्य दवाओं का अवैध कारोबार किया जा रहा था।
पुलिस ने बड़गांव के रानी बाजार निवासी अमन कसौधन और शिवम कसौधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शिवम कसौधन को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
फर्श पर रखी मिलीं दवाएं
जांच के दौरान मेडिकल स्टोर पर कोई फार्मासिस्ट तैनात नहीं मिला। दवाएं रैक के साथ-साथ फर्श पर भी रखी गई थीं। तापमान नियंत्रित रखने के लिए फ्रिज की कोई व्यवस्था नहीं थी।
टीम को बिना कोल्ड चेन के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और कोडीनयुक्त सिरप भी भंडारित मिले। मौके पर कैशमेमो जारी करने की कोई व्यवस्था नहीं थी और दवाओं के स्रोत से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
बरामद 107 प्लास्टिक बोरियों में रखी दवाओं को सीज कर दिया गया। इनमें 42 बोरियां नारकोटिक्स दवाओं और 65 बोरियां अन्य एलोपैथिक दवाओं की थीं।
बरामद प्रमुख नशीली दवाएं
- सेम्प्लेक्स प्लस – 2,82,960 कैप्सूल
- ट्रॉमाडोल – 1,96,000 इंजेक्शन
- प्रोक्सी स्पास – 59,256 कैप्सूल
- स्पास्मोप्रॉक्सीवॉन – 27,552 कैप्सूल
- ऑक्सीविन – 4,390 इंजेक्शन
- डिप्ट्राम प्लस – 53,712 कैप्सूल
- रोमर स्पास – 32,160 कैप्सूल
- अल्ट्रानिम-पी – 14,700 टैबलेट
- नेफागोसिन – 5,700 इंजेक्शन
- अल्जोमैक 0.5 – 60,000 टैबलेट
- विभिन्न कंपनियों के कोडीनयुक्त सिरप – 100 एमएल की कई बोतलें
- रेस्टिजेसिक – 50 इंजेक्शन
- ऑक्सविन – 1,040 इंजेक्शन
- पाइवॉन स्पास – 720 कैप्सूल
- कोडीन सिरप एनेक्स – 100 एमएल की 41 बोतलें
- ओनेरेक्स – 100 एमएल की 22 बोतलें
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