देशभर में बारिश का कहर, मुंबई में भूस्खलन से 7 मौतें; हिमाचल में 313 सड़कें बंद

HIGHLIGHTS
- मुंबई के घाटकोपर में पहाड़ी का मलबा तीन मकानों पर गिरा
- हादसे में तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हुई
- हिमाचल प्रदेश में 65 पेयजल योजनाएं और 112 ट्रांसफार्मर प्रभावित
देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुंबई से हिमाचल प्रदेश और ओडिशा से जम्मू-कश्मीर तक कहीं भूस्खलन हुआ है तो कहीं सड़कें और रास्ते बंद हो गए हैं। मुंबई के घाटकोपर में पहाड़ी का मलबा तीन मकानों पर गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। हिमाचल प्रदेश में 313 सड़कें बंद हैं और राज्य में 30 जून से अब तक बारिश और मौसम से जुड़ी आपदाओं में 75 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में 18 अगस्त तक जारी मौसम चेतावनियों ने चिंता बढ़ा दी है।
मुंबई में भूस्खलन से कैसे हुई सात लोगों की मौत?
मुंबई के घाटकोपर इलाके की गौसिया चॉल में बुधवार तड़के करीब 3.45 बजे भूस्खलन हुआ। पहाड़ी का एक हिस्सा और मलबा तीन मकानों पर जा गिरा। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन बच्चों समेत छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। रमेश यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में सात लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।
मुंबई की मेयर रीतू तावड़े ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की वित्तीय मदद देने की घोषणा की।
हिमाचल में बारिश ने कितना बड़ा संकट खड़ा किया है?
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते 313 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 65 पेयजल योजनाएं और 112 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 117 सड़कें बंद हैं। वहीं चंबा में 74, कुल्लू में 60, शिमला में 36 और सिरमौर में 13 सड़कें बंद हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, 30 जून से अब तक बारिश और मौसम से जुड़ी आपदाओं में 75 लोगों की मौत हो चुकी है और 911 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
18 अगस्त तक मौसम को लेकर क्या अलर्ट है?
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 17 अगस्त तक बारिश और 18 अगस्त तक अपडेट दिया है। अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसका मतलब है कि पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने का खतरा बना रह सकता है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले से सड़कें, पेयजल योजनाएं और बिजली व्यवस्था प्रभावित हैं।
ओडिशा में किन जिलों के लिए सबसे बड़ा अलर्ट है?
ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण बारिश तेज होने की चेतावनी जारी की गई है। बालासोर और भद्रक में गुरुवार सुबह भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। दोनों जिलों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है।
जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, अंगुल, क्योंझर, मयूरभंज और ढेंकनाल में अत्यधिक बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में क्या हाल है?
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, कठुआ और पुलवामा में भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बनी है। किश्तवाड़ में सड़क का एक हिस्सा बह जाने से गुलाबगढ़-मचैल मार्ग प्रभावित हुआ। कठुआ में भूस्खलन के कारण बनी-बसोहली मार्ग का टिकरी मोड़ बंद हो गया।
पुलवामा के अवंतिपोरा में श्रीनगर-अनंतनाग मार्ग पर जलभराव के बाद यातायात रोकना पड़ा। उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के कारण मद्महेश्वर यात्रा सात अगस्त से अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
राजस्थान में बारिश ने क्या असर डाला है?
राजस्थान में भी मानसून सक्रिय है और कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। चित्तौड़गढ़ के बासी में 227 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। उदयपुर में उदय सागर बांध का जलस्तर 21 फीट से ऊपर पहुंचने के बाद दो गेट एक-एक फुट खोले गए।
कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की मुकुंदरा सुरंग में करीब एक फुट पानी भरने के कारण इसे बंद करना पड़ा। जयपुर समेत कई शहरों में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
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