नेपाल में भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ का खतरा, कई जिलों में अलर्ट

HIGHLIGHTS
- अर्घाखांची के सिमलपानी में तीन घंटे में 84.4 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- बांके और बर्दिया में मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
- नौ जिलों की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ का मध्यम खतरा बताया गया।
नेपाल के कुछ हिस्सों में बुधवार को हुई भारी बारिश के बाद अधिकारियों ने कई पश्चिमी जिलों की छोटी नदियों में जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विज्ञान विभाग ने क्या बताया?
हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के ‘बाढ़ पूर्व चेतावनी सिस्टम’ के मुताबिक, अर्घाखांची जिले के सिमलपानी जल मापन केंद्र पर तीन घंटे के भीतर 84.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। विभाग ने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र और आसपास की छोटी नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है।
विभाग ने किन इलाकों के लिए जारी की चेतावनी?
विभाग के अनुसार, बांके और बर्दिया जिलों में कई स्थानों पर तीन घंटे के दौरान मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। इसके चलते छोटी नदियों में जलस्तर बढ़ने और अचानक पानी का बहाव तेज होने की आशंका जताई गई है।
एक अलग चेतावनी में विभाग ने दारचुला, बैतडी, बझांग, डोटी, डडेलधुरा, बांके, बर्दिया, कैलाली और कंचनपुर तथा आसपास के क्षेत्रों की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने का मध्यम खतरा बताया है।
नेपाल के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश हुई है। राष्ट्रीय प्रसारक ‘रेडियो नेपाल’ ने मौसम वैज्ञानिकों के हवाले से बताया कि चितवन, पाल्पा और कैलाली में भारी बारिश हुई। वहीं, नवलपुर, तनहुं, गोरखा, अर्घाखांची और रूपंदेही में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं हुईं।
लुंबिनी और सुदूरपश्चिम प्रांतों के कुछ हिस्सों के अलावा बागमती, गंडकी और कर्णाली के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना है।
कब तक सामान्य हो सकता है मौसम?
अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। शुक्रवार तक आंधी-तूफान, बिजली गिरने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि शनिवार से हालात धीरे-धीरे बेहतर हो सकते हैं।
यह ताजा बारिश ऐसे समय में हुई है, जब नेपाल पहले आई बाढ़ और भूस्खलन के प्रभाव से जूझ रहा है।
पहले हुई आपदाओं में 27 लोगों की मौत
‘राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण’ के अनुसार, 24 से 27 सितंबर के बीच हुई भारी बारिश के कारण देशभर में आपदा की 542 घटनाएं हुईं। इनमें 304 भूस्खलन, 87 बाढ़ और 151 घटनाएं सीधे तौर पर भारी बारिश से जुड़ी थीं।
इन आपदाओं में 27 लोगों की मौत हुई, जबकि चार लोग लापता और आठ घायल हुए। कुल 1,082 परिवार प्रभावित हुए।
बारिश और बाढ़ के कारण 227 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, 142 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा और 31 पुल क्षतिग्रस्त हुए। वहीं, 9,80,000 से अधिक लोगों को बाढ़ की चेतावनी वाले संदेश भेजे गए और करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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